कानपुर। तुमने प्लॉट विपिन बजाज के नाम नहीं किया है। अब तुम्हें जेल जाने बाद ही बात समझ आएगी। तुम्हारी जान को खतरा है। जब तुम जीवित ही नहीं रहोगे तो प्लॉट पर मैं कब्जा करा दूंगा। यह धमकी अधिवक्ता व भाजपा नेता मनोज सिंह को अखिलेश दुबे ने दी। यह शिकायत उन्होंने शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में की है। इसकी जांच एसआईटी को साैंपी गई है। शिकायत में दीनू उपाध्याय के मोबाइल से भी धमकी देने का आरोप लगाया है।
मनोज सिंह की ओर से पुलिस कमिश्नर कार्यालय में दी शिकायत के मुताबिक उन्होंने रमेश कुमार बजाज से रतनलालनगर में प्लॉट खरीदा और उसका बैनामा पत्नी के नाम पर करा दिया। रमेश कुमार बजाज ने अपने पुत्र विपिन बजाज को बेदखल कर दिया था। सौदा होने के बाद विपिन बजाज ने टोनू यादव के साथ आकर उनको धमकी दी कि यह प्लॉट उसके नाम कर दो। कहा कि वह लोग अखिलेश दुबे के साथी हैं। उसके लिए कार्य करते हैं।
अखिलेश दुबे ने कहा है कि अगर प्लॉट विपिन के नाम नहीं करोगे तो एफआईआर करवाकर जेल भिजवा देंगे।
मनोज सिंह के मुताबिक, उन्होंने प्लॉट देने से मना कर दिया जिस पर अखिलेश दुबे ने विपिन बजाज की ओर से झूठी रिपोर्ट गोविंदनगर थाने में दर्ज करा दी। पुलिस विवेचना में सभी तथ्य झूठे पाए गए और अंतिम रिपोर्ट के साथ जांच समाप्त हुई। भाजपा नेता के अनुसार, उनसे धीरज उर्फ दीनू उपाध्याय ने मिलने की बात कही। वह 22 अप्रैल 2025 को सुरेंद्र सिंह चौहान के साथ उदय सेंगर के सिविल लाइंस स्थित घर में दीनू उपाध्याय से मिले। यहां रात नौ से 11 बजे तक बातचीत हुई। इस दौरान दीनू उपाध्याय ने कहा कि अखिलेश दुबे ने आपसे बात कराने के लिए कहा है। दीनू ने अपने मोबाइल नंबर से अखिलेश दुबे को वॉट्सएप कॉल की। कॉल स्पीकर पर थी। इस दौरान अखिलेश दुबे ने फिर से उन्हें धमकी दी। कहा अबकि ऐसा मुकदमा लिखवाऊंगा, जेल जाने से बच नहीं बच पाओगे। तुम्हारी जान भी जा सकती है। अगले दिन टोनू यादव के मोबाइल नंबर से शाम 7:25 बजे वॉट्सएप कॉल आई। टोनू ने कहा कि अखिलेश दुबे बात करेंगे। मनोज सिंह ने आरोप लगाया कि रात 8:31 बजे टाेनू के मोबाइल से फिर अखिलेश दुबे ने धमकी दी। वह बार-बार की धमकियों से डर गए। इसलिए सूचना देने में विलंब हुआ। पुलिस कमिश्नरी के स्टाफ ऑफिसर राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि मनोज सिंह की शिकायत एसआईटी को दे दी गई है। एसआईटी उनको और गवाहों को बयान के लिए जल्द ही बुलाएगी।