कानपुर देहात/सरवनखेड़ा। करीब 20 दिन मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। गिर रहे कोहरे व कतई धूप नहीं निकलने से खेती-बाड़ी की गतिविधियां थम गई थीं। शनिवार को तीसरे दिन मौसम खुला। सुबह से धूप निकली तो किसान खेतों पर पहुंच गए। गेहूं की फसल में उर्वरक व कीटनाशक दवा का छिड़काव किया।
लगातार कोहरा गिरने व गलन से गेहूं की फसल को तो फायदा हो रहा था, लेकिन सरसों, चना, मटर व अरहर आदि फसलों में कीट व रोग लगने लगा था। इसपर किसान चिंतित हो गए थे। मौसम खराब होने की वजह से खेती-बाड़ी की गतिविधियां थम सी गई थीं। कृषि वैज्ञानिकों ने उर्वरक या फिर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव स्थगित रखने की सलाह दी थी। बीते गुरुवार को दोपहर बाद धूप निकली थी। इसके बाद शुक्रवार को सुबह 11 बजे के करीब धूप निकल आयी। इधर शनिवार को सुबह से धूप निकलने से मौसम खुशनुमा हो गया।
इस पर किसान सुबह से खेत पर पहुंच गए। गेहूं की फसल में जरूरत के अनुसार यूरिया का छिड़काव किया। इसके साथ ही फसल में खरपतवार नाशक दवाओं का छिड़काव भी शुरू कर दिया। सरवनखेड़ा ब्लॉक के गंगागंज निवासी सलमान ने बताया कि मौसम न खुलने की वजह से गेहूं की फसल में खाद नहीं डाल पा रहे थे। इससे गेहूं की पौध की बढ़वार ठीक से नहीं हो रही थी। अब मौसम खुल गया तो यूरिया का छिड़काव कर दिया है।
इधर अकबरपुर के पतारी निवासी मोहन कुमार ने बताया कि करीब 20 दिन से कोहरा गिरने से खेतीबाड़ी की गतिविधियां रुकी थीं। केवल फसल नुकसान से बचने के लिए खेत में हल्की नमी बनाए रखने पर जोर रहा। अब मौसम खुला है तो खेत में खरपतवार नजर आयी है। इसपर खरपतवार नाशक दवा का छिड़काव किया है। वहीं रूरा के अंबरपुर निवासी जगजीवन ने बताया कि मौसम खुलने पर अब सरसों की फसल के साथ मटर व चना की फसल को फायदा होगा।
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वर्जन.........
तीन दिन से मौसम का रुख बदला है। दो दिन से अच्छी धूप निकल रही है। धूप निकलने पर खेतीबाड़ी का काम शुरू हो गया है। किसानों ने गेहूं की फसल में उर्वरक छिड़काव के साथ खरपतवार नाशक दवा डालना शुरू किया है। किसानों को मौसम के अनुसार दवाओं के छिड़काव करने की सलाह दी गई है। यदि कोहरा गिरने लगे तो फिर कीटनाशक दवा का छिड़काव स्थगित करना फायदेमंद रहेगा। - डॉ. खलील खान, कृषि वैज्ञानिक