कानपुर देहात/रूरा। कड़ाके की सर्दी के बाद धूप निकलने से मिट्टी के बर्तनों के बाजार में रौनक लौट आई है। दिसंबर से पड़ रही सर्दी की वजह से कुम्हारों का व्यापार मंदा हो गया था लेकिन अब धूप निकलने से मिट्टी के बर्तन बनाने वालों के चेहरे चमके हैं।
बाजार में मांग बढ़ने के साथ कुम्हारों ने मिट्टी के बर्तन बनाने में तेजी दिखाई है। कुल्हड़, मटके और अन्य मिट्टी के बर्तन धूप में चमक उठे हैं। सुनील प्रजापति ने बताया कि दो दिन से निकल रही धूप से काफी राहत है। सुबह बनाए गए बर्तन शाम होने तक सूख जा रहे हैं। बिक्री भी बढ़ गई है। वहीं पप्पू प्रजापति ने कहा कि धूप निकलने से मिट्टी के बर्तनों की गुणवत्ता भी बढ़ती है। इससे अच्छी कीमत मिलती है। बर्तन को पकाने में कम समय लगता है। सर्दी में बर्तन समय पर नहीं सूखने से परिवार के जीविकोपार्जन के लिए खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा था। सर्दी से पहले रखे गए बर्तनों को बेचकर घर का खर्च चलाया। धूप निकलने से सप्ताह भर से काम में तेजी आई है।