इटावा। सामाजिक वानिकी प्रभाग बिजनौर के चांदपुर रेंज के ग्राम लतीफपुर से सोमवार को तेंदुए के दो शावकों को रेस्क्यू कर इटावा सफारी पार्क में लाया गया। इन शावकों को मादा तेंदुए ने साथ रखना छोड़ दिया था। शावकों की उम्र लगभग चौबीस दिन है। सफारी पार्क में इन शावकों को विशेष देखरेख में रखा गया है।
चांदनपुर रेंज के गांव लतीफपुर में एक सप्ताह पहले 17 मार्च को ग्रामीणों ने वन विभाग को खेतों में तेंदुए के दो शावक होने की सूचना दी थी। इसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर इन दोनों नर शावकों का रेस्क्यू किया। शावकों को उनकी मां से मिलाने के टीम ने काफी प्रयास किए, लेकिन मादा तेंदुए ने शावकों को स्वीकार नहीं किया और न ही दूध पिलाया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव के निर्देश पर इन शावकों को सफारी पार्क लाने की तैयारी की गई। सोमवार को दोनों शावकाें को इटावा सफारी पार्क में लाया गया।
सफारी के डायरेक्टर अनिल पटेल ने बताया कि रेस्क्यू कर लाए गए दोनों शावक नर हैं और इनकी उम्र लगभग 24 दिन की है। पिछले कई दिनों से मादा तेंदुए ने इनको छोड़े दिया था। इससे दोनों शावक काफी कमजोर हो गए हैं और उनकी स्थित नाजुक है। सफारी पहुंचने पर पशु चिकित्सकों की टीम ने शावकों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया और लगातार उन पर नजर बनाए हुए हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों चकरनगर से एक तेंदुए के शावक को रेस्क्यू किया गया था जो अब पूरी तरह से स्वस्थ है और पर्याप्त आहार ले रहा है। डायरेक्टर डॉ. अनिल पटेल ने बताया कि 16 मार्च को सफारी पार्क की शेरनी नीरजा के भी तीनों शावक अपनी मां का दूध पी रहे हैं। तीसरा शावक जो कम मात्रा में दूध पी रहा था। वह भी अब पर्याप्त मात्रा में दूध पी रहा है। पशुपालन विभाग के डाॅ. आरके सिंह, सफारी पार्क के वन्यजीव चिकित्सक डाॅ. रोबिन सिंह यादव व डाॅ. शैलेंद्र सिंह इन सभी वन्यजीवों की निगरानी कर रहे हैं।