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जब मिले पुराने यार...

Sun, 27 Dec 2015 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
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आईआईटी में शनिवार को 1991 बैच (सिल्वर जुबली बैच) की एल्युमिनाई मीट का आयोजन हुआ। इसमें देश-विदेश से आए बैच मेट्स 25 साल बाद जब एक दूसरे से मिले तो पुरानी यादें ताजा हो गईं।
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किसी ने कहा ..यार सीनियरों ने मुझसे ‘जट यमला पगला दीवाना’ गीत गवाया था। तो किसी ने एलटी (हाल) में फिल्म देखने के मजे पर ठहाके लगाए...।

उधर, मीट में आईआईटी निदेशक प्रोफेसर इंद्रनील मन्ना ने बैच के साथ मीट का उद्घाटन कर संस्थान और सोसाइटी के लिए बेहतर करने पर चर्चा की। वहीं, बैच ने संस्थान में लेक्चर, पढ़ाई और प्लेसमेंट को और बेहतर करने में सहयोग देने की बात कही। बैच ने अपने हॉस्टल और आईआईटी घूमकर फैमली के साथ ग्लाइडिंग, फायर, म्यूजिक और पार्टी का आनंद लिया।

पुलिस के पास रिर्सोस कम
लखनऊ महानगर निवासी सौरभ सिंह इन दिनों गुड़गांव में ज्वाइंट कमिश्नर पुलिस के पद पर हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र में साइबर क्राइम सेल और पुलिस तंत्र में कंप्यूटराइजेशन तेजी से बढ़ रहा है।
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बोले, कई जगह पुलिस के पास रिर्सोस की काफी कमी है। पुरानी यादें ताजा कर बोले, 1991 में कल्याणपुर में हर तरफ खेत दिखते थे। 

एक्सीडेंट रोकने के लिए काम कर रहा रेलवे
गया निवासी स्टील रेलवे बोर्ड के निदेशक अशोक कुमार ने बताया कि रेलवे एक्सीडेंट रोकने के लिए एडवांस वॉरनिंग सिस्टम, ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने और कोहरे में गाड़ियों की सुलभ आवाजाही के लिए काम चल रहा है। इसके लिए देश की आईआईटी की मदद ली जा रही है। बताया कि बुलेट ट्रेन से भारत को बड़ा उद्योग मिलेगा।

कैंपस सिलेक्शन में मिली थी नौ हजार की नौकरी
1991 में हुए कैंपस सिलेक्शन में नौ हजार वेतन पाने वाले महाराष्ट्र मूल के श्रीकांत ताम्हणे 25 साल बाद आईआईटी कानपुर लौटे तो अपनी पत्नी ललिता और बच्चों को अपना हॉस्टल दिखाए बिना नहीं रह पाए।

दुनिया के 80 देशों में ऑयल खोजने की तकनीकी प्रदान कर रही नामी इंटरनेशनल कंपनी के साथ दुबई में काम कर रहे श्रीकांत बोले, अब कानपुर में ट्रैफिक काफी बढ़ गया है।

इंफोसिस की नौकरी छोड़ इस्कॉन मंदिर ज्वाइन किया
बीटेक के बाद 1993 में इंफोसिस में मिली 4 हजार की नौकरी छोड़कर इस्कॉन मंदिर ज्वाइन करने वाले निष्ठदास (पहले का नाम-निर्मल पंत) कानपुर के इस्कॉन मंदिर में ठहरे हैं।

25 साल बाद कानपुर आए निर्मल पंत ने बताया कि वे नास्तिक थे। 1991 में साइंटिस्ट व इस्कॉन के सदस्य रवि गोमदम् संस्थान में मशीनरी पर लेक्चर देने थे। उन्होंने श्रीमद् भागवत गीता पढ़ने को कहा था। गीता पढ़ने से मन बदल गया। निर्मल आज इस्कॉन मंदिर बंगलूरू में हेड हैं।

विदेशों से मजबूत हो रहे रिश्ते, बढ़ेगा निवेश
बीटेक के बाद हिंडाल्को कंपनी में चार हजार रुपये वेतन वाले हरिद्वार के नवीन प्रकाश इन दिनों हरिद्वार की भेल कंपनी में डीजीएम हैं। वे बोले कि प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्रा से पाकिस्तान हो या अमेरिका, सबसे रिश्ते मजबूत हो रहे हैं। इससे देश में निवेश बढ़ेगा।

नौकरी छोड़कर खोली कंपनी
इलाहाबाद के निवासी विवेक श्रीवास्तव टेलीकॉम सेक्टर की नौकरी छोड़कर इन दिनों बंगलूरू में ‘कला विलास’ कंपनी चला रहे हैं। यह कंपनी 50 बुनकरों के जरिए जोतपुरी सूत की दरी और सामान तैयार कर देश विदेश में व्यापार कर रही है।

विवेक रैगिंग के बारे में बोले कि संस्थान में एडमीशन के 10 दिनों तक ही रैगिंग होती थी। पीएचडी के स्टूडेंट पवन कुमार ने एंटी रैगिंग कार्यक्र म भी चलाया था। जूनियर भी सीनियर को नाम लेकर बुलाते थे।

मोदी की यात्राएं देश को देंगी योजनाएं
कानपुर नानकारी के निवासी अशोक कुमार सिंह इन दिनों मिनिस्ट्री आफ फाइनेंस में निदेशक पद पर हैं। उन्होंने बताया कि सरकार आम आदमी के लिए हेल्थ स्कीम पर काम कर रही है।

बोले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं से निश्चित तौर पर भारत और इसके छोटे-बड़े शहरों में टूरिज्म की संभावनाएं बढ़ रही है। फाइनेंस अफेयर्स भी मजबूत हो रहे हैं। बताया कि उनकी पढ़ाई आईआईटी केवी से हुई थी। पिता आरपी सिंह आईआईटी की इलेक्ट्रिकल विभाग में नॉन टीचिंग स्टाफ थे।
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