कानपुर। गेहूं खरीद बढ़ाने के लिए मंडलायुक्त व जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद भी सुधार नहीं हुआ। गुरुवार को समीक्षा में गेहूं खरीद की समीक्षा में प्रगति धीमी मिलने पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने अफसरों को जमकर फटकार लगाई।
यूपीएसएस संस्था के जिला प्रबंधक भानु प्रताप के विरुद्ध करवाई के निर्देश दिए। वहीं, जिला उद्यान अधिकारी को हर ब्लाक से 100-100 प्रगतिशील किसानों की सूची एक सप्ताह के भीतर मांगी।
जिलाधिकारी ने सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति, डब्ल्यूसीडीसी मिशन समिति, कृषि विभाग व गेहूं क्रय केंद्रों की प्रगति की समीक्षा की। 70 गेहूं क्रय केंद्रों के निर्धारित लक्ष्य 28,500 मीट्रिक टन के स्थान पर 8841.30 मीट्रिक टन अर्थात 31.02 प्रतिशत की खरीद होने पर नाराजगी जताई।
कहा कि प्रदेश में कानपुर गेहूं खरीद में 29वें स्थान पर है। खाद्य विभाग के क्रय केंद्रों ने लक्ष्य का 65.45 प्रतिशत खरीद की है। सहकारिता के क्रय केंद्रों में केवल 13.27 प्रतिशत खरीद हुई। सबसे खराब आठ प्रतिशत खरीद करने पर यूपीएसएस संस्था के जिला प्रबंधक भानु प्रताप के विरुद्ध करवाई के लिए उनके प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा।
बैंकों की ओर से योजनाओं के लाभार्थियों को समय पर ऋण न देने की जानकारी पर कार्रवाई की बात कही। बैठक में सीडीओ दीक्षा जैन, डीडीओ, परियोजना अधिकारी उपस्थित रहे।