कानपुर देहात। जिले में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए पूरी तैयारी है। गेहूं की फसल की कटाई की शुरुआत हुई है। गुुरुवार से शुरू हो रही सरकारी खरीद की कुछ केंद्रों पर ही बोहनी होने की उम्मीद है।
जिले में गेहूं क्रय करने के लिए 53 केंद्र बनाए गए हैं। क्रय केंद्रों पर इलेक्ट्रानिक कांटा, बारदाना, छनाई के लिए डस्टर फैन आदि की व्यवस्था की गई है। गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीयन अनिवार्य है। जिले में 1961 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसमें से 568 किसानों का सत्यापन कराया गया है। सिकंदरा में 497, भोगनीपुर में 453, अकबरपुर में 351, डेरापुर में 293, रसूलाबाद में 292 व मैथा में 75 किसानों ने पंजीयन कराया है। क्रय केंद्रों पर बैनर आदि लगाकर व्यवस्था दुरुस्त की गई है। जिले में लगभग तीन लाख किसान हैं। अभी पूरी तरह से गेहूं की कटाई शुरू नहीं हो सकी है। कुछ किसानों ने ही फसल कटाई शुरू की है। गुरुवार को कुछ क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू हो जाएगी। बेचने के लिए किसानों के पास गेहूं तैयार नहीं है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी शिशिर कुमार ने बताया कि किसानों से संपर्क किया जा रहा है। कुछ किसानों के गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचने आने की उम्मीद है। गेहूं क्रय की बोहनी हो जाएगी तो फिर धीरे-धीरे अनाज तैयार होने पर खरीद बढ़ेगी।
किसान कंट्रोल रूम को बता सकते दिक्कत
गेहूं खरीद या अन्य किसी जानकारी के लिए किसान सीधे कंट्रोल रूम को बता सकते हैं। कलक्ट्रेट परिसर में जिला खाद्य विपणन अधिकारीय कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। बेसिक फोन नंबर 05111-271444 पर किसान समस्या बता सकते हैं। गेहूं बेचने को लेकर दिक्कत या फिर कोई जानकारी भी इस नंबर पर की जा सकती है।
पंजीयन में कानपुर देहात अव्वल
कानपुर देहात। ऑनलाइन पंजीयन में कानपुर देहात जिला मंडल के छह जिलों में अव्वल है। अब तक 1961 किसानों से ऑनलाइन पंजीयन कराया है। कानपुर नगर में 921 किसानों ने ही गेहूं बेचने के लिए पंजीयन किया है। औरैया में 798, इटावा में 382, फर्रुखाबाद में 276 व कन्नौज में 226 किसानों ने ही पंजीयन कराया है।
450 गांठें बारदाना उपलब्ध
कानपुर देहात। इस बार गेहूं खरीद के लिए लक्ष्य तय नहीं किया गया है। 15 जून तक जो किसान गेहूं लेकर क्रय केंद्र पर पहुंचेंगे उनकी उपज खरीदी जाएगी। जिला खाद्य विपणन अधिकारी शिशिर कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष 60 हजार मीट्रिक टन गेेहूं खरीद का लक्ष्य था। इसका 59.51 फीसदी खरीद हुई थी। इसमें 2400 गांठें बारदाना लगा था। फिलहाल 450 गांठें बारदाना उपलब्ध है। जरूरत के अनुसार कानपुर नगर से बारदाना की पूर्ति की जाएगी।