पांच साल उम्र तक के अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित करने के लिए चुनाव की तर्ज पर ‘वजन दिवस’ मनाया जाएगा। 10 व 12 दिसंबर को जिले के 1705 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का वजन होगा। इसके लिए 76 सेक्टर प्रभारी और 305 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। पिछले साल वजन दिवस में बांदा के 2.04 लाख बच्चों का वजन किया गया था। इनमें पांच फीसदी यानी 10 हजार बच्चे अति कुपोषित मिले थे। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने अति कुपोषित बच्चों को सेहतमंद बनाने के लिए पोषण मिशन योजना शुरू की।
जिला अस्पताल स्थित पुनर्वासन केंद्र में बच्चों का इलाज कराया। पौष्टिक आहार दिए गए। इसके बाद भी अभी तक 7340 बच्चे कुपोषण मुक्त नहीं हो सके। इस साल फिर वजन दिवस दो चरणों में मनाया जा रहा है। पहले चरण के लिए 39 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 261 ग्राम व वार्ड पर्यवेक्षक नामित किए गए हैं। जबकि दूसरे चरण के लिए 38 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 243 पर्यवेक्षक नियुक्त हुए हैं।
अभियान में ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, सहायिका, आशा बहू, एएनएम व कोटेदारों को लगाया गया है। यह सभी अभिभावकों को प्रेरित करेंगे। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने 824 बेबी वजन मशीन की डिमांड भेजी है। ये मशीन ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति से उपलब्ध कराई जाएंगी। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां तीन प्रतियों में प्रारूप-1 भरेंगी और वजन तालिका में बच्चों की पोषण श्रेणी अंकित करेंगी।