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थाने में बने मंदिर में प्रेमी जोड़े ने लिए सात फेरे, इंस्पेक्टर ने दिया "दिल खुश करने वाला तोहफा"

Mon, 10 Dec 2018 08:42 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- एसओ ने पत्नी संग दिया आर्शीवाद, दंपति को नेग दिया
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कानपुर के सचेंडी थाने में रविवार को एक जोड़े की शादी पुलिस ने कराई। थाना परिसर में स्थित मंदिर में समझौते के बाद मंत्रोचार के बीच दूल्हा-दुल्हन ने लिए सात फेरे। थानाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह और उनकी पत्नी पूनम के साथ ही थाने में तैनात तमाम पुलिस कर्मियों ने दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद दिया। थानाध्यक्ष ने नेग में बर्तन और कपड़े भी भेंट किए।
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सचेंडी कस्बा निवासी शिवा फल का व्यापार करता है। उसका कस्बा में रहने वाली लक्ष्मी से आठ साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। एक साल पहले दोनों ने प्रेम विवाह करने का फैसला लिया। लक्ष्मी के घरवाले शादी के लिए राजी नहीं हुए।
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इस पर इसी साल मार्च में शिवा और लक्ष्मी ने आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद शिवा और लक्ष्मी अपने-अपने घर लौट गए। इस वजह से दोनों के घरवालों को उनके प्रेम विवाह करने की भनक नहीं लगी।

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शुक्रवार को लक्ष्मी लाल जोड़ा पहनकर अपनी ससुराल पहुंच गईं। उसे देख शिवा के घर वाले हक्का-बक्का रह गए। शिवा ने घरवालों को अपने और लक्ष्मी के प्रेम विवाह के बारे में बताया। इसका पता चलने पर लक्ष्मी के घरवाले इस शादी को तैयार नहीं हुए। उन लोगों ने शिवा और उसके घरवालों पर आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
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रविवार को मामला सचेंडी थाने पहुंचा। थानाध्यक्ष ने प्रेमी युगल व उनके परिजनों से बातचीत की। दोनों के परिजनों को समझाया। इस पर दोनों के घरवाले लक्ष्मी और शिवा की शादी को राजी हो गए। इसके बाद थानाध्यक्ष ने थाना परिसर में बने मंदिर का दोनों की शादी का इंतजाम कराया।
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पंडित जगदीश नारायण शास्त्री को बुलाया। इसके बाद शिवा ने सबके सामने लक्ष्मी की मांग भरी और अग्नि को साक्षी मानकर ले लिए सात फेरे। दोनों की शादी के साक्षी बने थानाध्यक्ष, उनकी पत्नी, थाने के तमाम पुलिसकर्मी, भाजपा नेता रामजी, प्रधान पति शिवपाल समेत कई ग्रामीण। शादी की खुशी में सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई। थानेदार ने नेग में बर्तन और कपड़े देने के बाद कार मंगाई। फिर दोनों को थाने से विदा कर दिया।
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