जसपुरा कस्बे के एक मैरिज हॉल में मंगलवार की रात धूमधाम व उत्साह के साथ जयमाला का आयोजन हुआ। लेकिन सात फेरों के पहले ही रिश्तों में दरार आ गया। भांवरों के पहले जब पंडित ने लड़के का गोत्र पूछा तो बराती इधर-उधर ताकने लगे। इससे विवाद भड़क उठा। काफी देर हंगामा मचा, इसके बाद मामला थाना तक जा पहुंचा। अंत में सुलह-समझौते के बाद बिना दुल्हन के बरात बिना दुल्हन के लौट गई।
इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी लड़की की शादी अमारा (बांदा) निवासी प्रभू निषाद से तय थी। दोनों पक्ष, जो वर्षों से सूरत में रह रहे थे वही उनकी शादी तय हुई थी। लड़की पक्ष पूरे इंतजाम के साथ जसपुरा पहुंचा और अमारा से आई बरात का भव्य स्वागत हुआ। द्वारचार और जयमाला हंसी-खुशी निपट गए। लेकिन इसके बाद मामला पलट गया, जब भांवर के समय पंडित ने लड़के का गोत्र पूछा।
शादी का मंच बना अखाड़ा
आरोप है कि लड़का पक्ष स्पष्ट जवाब नहीं दे सका। इसी बात पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते शादी का मंच विवाद का अखाड़ा बन गया। फेरे रुक गए, माहौल गरमा गया। तनाव इतना बढ़ा कि बुधवार सुबह लड़की की मां मधु तिवारी बेहोश हो गईं। आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहीं से पुलिस को सूचना दी गई।
बिना दुल्हन लौटी बरात
थाना प्रभारी ऋषि देव टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को थाने ले जाकर घंटों बातचीत कराई। लड़की पक्ष का आरोप था कि लड़के ने खुद को पाठक बताकर रिश्ता तय कराया। वहीं वर पक्ष का कहना था कि वह निषाद जाति से है और यह बात पहले से बताई गई थी। कई घंटे चली पंचायत के बाद आखिरकार थाने में सुलह हो गई और मामला शांत कराया गया। बाद में दूल्हा पक्ष बिना दुल्हन के ही लौट गया।