गंगा के मैदानी इलाकों में तेज बारिश के आसार बन रहे हैं। मानसूनी द्रोणी जो दक्षिण की तरफ खिसक वह फिर अपने सामान्य स्थान पर लौट रही है। निम्न दबाव का क्षेत्र भी कमजोर पड़ रहा है। इससे तेज वर्षा का अनुमान है। मौसम विभाग का अनुमान है कि तीन अगस्त से मौसमी प्रणालियां बदलेंगी। इससे चार अगस्त से बारिश तेज होगी। इस संबंध में मौसम विज्ञान केंद्र ने भी अपनी चेतावनी जारी की है।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम विभाग के नोडल एवं तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि मानसूनी द्रोणी खिसकने के साथ मानसून सक्रिय हो जाएगा। मौसम में बदलाव तीन अगस्त से होने लगेगा। इसके बाद बारिश तेज हो जाएगी लेकिन इसके पहले निम्न दबाव बनने पर स्थानीय स्तर पर बूंदाबांदी हो सकती है। इस मानसून में पॉकेट बारिश की अधिकता बनी हुई है।
कानपुर में बारिश
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के एकीकृत मौसम पूर्वानुमान केंद्र के प्रभारी वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह का कहना है कि जो निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ था, वह कमजोर पड़ गया है। इससे बारिश के आसार बढ़ गए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने जुलाई की वर्षा की रिपोर्ट भी जारी की है।
कानपुर में बारिश
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जुलाई में पूरे प्रदेश में सामान्य औसत से 28 फीसदी कम बारिश हुई है। प्रदेश पूर्वी हिस्से में जिसमें मध्य यूपी के जिले शामिल हैं, वहां सामान्य औसत से 35 प्रतिशत बारिश कम हुई। बारिश न होने से 24 घंटे में 2.4 डिग्री तापमान बढ़ा है।
तापमान
अधिकतम- 34.6 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम- 26.6 डिग्री सेल्सियस