बादलों के आने से पारा गिरने और नमी बढ़ने से उमस खतरे के निशान के ऊपर चली गई। यह मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर स्थिति मानी जाती है। उमस का स्तर सामान्य से 12 डिग्री अधिक हो गया। अरब सागर से आने वाली हवाएं तेज हो गईं और नमी बढ़ गई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की आहट आने लगी है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाएं तेज होते ही मानसून तेजी पकड़ेगा, तब तक उमस परेशान करेगी।
पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर के हवाएं तेज होने माहौल में नमी का प्रतिशत 82 हो गया है। इससे बादल बन रहे हैं जिससे पारा नीचे गिरा लेकिन पसीने वाली उमस बढ़ गई। उमस का स्तर (ताप सूचकांक) 50 डिग्री से बढ़कर 62 डिग्री पर पहुंच गया। इससे लोगों को हीट एग्जॉर्शन, डिहाइड्रेशन होने लगा। बादलों की वजह से स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी होती रही। 24 घंटे में दिन का पारा 4.7 डिग्री और रात का 4.8 डिग्री नीचे गिरा।
कानपुर में भीषण गर्मी
- फोटो : अमर उजाला
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि अरब सागर से तेज हवाएं नमी लेकर आ रही हैं। इसके साथ पश्चिमी विक्षोभ भी आ गया है। इससे मौसम बदलाव आया है। इससे मानसून की आहट मिलने लगी है। अभी बंगाल की खाड़ी की हवाएं अधिक नहीं आ रहीं। इनके तेज होते ही मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा। 24 से 48 घंटे के अंदर इनके तेजी पकड़ने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की हवाएं जब आपस में मिलेंगी तो मानसून पूरी तरह कानपुर परिक्षेत्र में आ जाएगा।
कानपुर में भीषण गर्मी
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अगले 24 घंटों में बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। सीएसए के मौसम विभाग ने 16 से 18 जून के बीच हवाओं के तेज होने का पूर्वानुमान जारी किया है। इससे स्थानीय स्तर पर बारिश की संभावना बढ़ी है।
तापमान
अधिकतम- 38.1 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम- 25.8 डिग्री सेल्सियस