संस्थान को विवादित भूमि से बेदखल कर दिया
इसमें जवाब में संस्थान की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उन्होंने केडीए के प्रभारी अधिकारी से जमीन खरीदी थी। उस पर सिर्फ बाउंड्री हुई है। कोई निर्माण नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि कॉलेज ने 15 साल से पक्की बाउंड्री बनाकर अनाधिकृत कब्जा कर रखा था। इसलिए संस्थान को विवादित भूमि से बेदखल कर दिया गया है।
चारागाह की जमीन पर अवैध कब्जा था। जमीन को संस्थान केडीए की ओर से खरीदना बता रहा है। दो बार पत्र भेजने के बावजूद केडीए ने जवाब नहीं दिया। जिस पर लेखपाल और डीजीसी रेवेन्यू की रिपोर्ट पर तहसीलदार नर्वल की कोर्ट ने जमीन से सचिव को बेदखल कर दिया है। 9.67 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। -नीरज सिंह सेंगर, सहायक शासकीय अधिवक्ता, राजस्व