कुलपहाड़ संवाद के अनुसार, मौसम के अचानक बदलने से शीतलहर का प्रकोप फिर से शुरू हो गया है। बारिश से किसान परेशान हैं। इस समय मटर की कटाई चल रही है और चने की फसल में फूल आना शुरू हो गए हैं। अचानक बारिश होने से फसल के खराब होने का अंदेशा हो गया है। वहीं चने की फसल में फूल झड़ने से उत्पादन कम होने की आशंका है। किसान सुंदर, हरि सिंह, नेपाल आदि का कहना है की गेहूं की फसल में पानी तो लगा लेकिन फसल गिरने से खराब होने का डर है। वहीं चना और मटर में काफी ज्यादा नुकसान है। कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल के वैज्ञानिक एसपी सोनकर का कहना है कि आगामी दो दिन तक ऐसा ही मौसम रहेगा। आसमान में बादलों की आवाजाही होती रहेगी। कहीं-कहीं रिमझिम बारिश की भी संभावना है। उधर, उपकृषि निदेशक डॉ. अभय कुमार सिंह यादव का कहना है कि जिन गांवों में ओलावृष्टि की सूचना है। वहां सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
मंगलवार रात 10 बजे से बुधवार शाम छह बजे तक बिजली आपूर्ति नहीं बहाल हो पाई। सुबह से ही बिजली कर्मचारी आम का गिरा पेड़ हटाने में लगे रहे। टूटे बिजली के नए पोल लगाकर तार खींचे जा रहे हैं। 20 घंटे बाद भी बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो सकी है। बिजली सप्लाई बाधित रहने से विद्युत उपकेंद्र बहुआ के ललौली फीडर, शाह फीडर, पथरी फीडर, बहुआ फीडर, हरियापुर फीडर, मुत्तौर फीडर, पखरौली फीडर, थवाई फीडर तथा दतौली उपकेंद्र के जिवकरा फीडर, दतौली फीडर, भोदर फीडर करीब 100 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित है। गाजीपुर एसडीओ अभिनव कुमार ने बताया कि जल्द ही आपूर्ति बहाल कराई जाएगी।