तीन साल के बाद इस बार नौतपा नहीं तपा। नौतपा के आठ दिन पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक नहीं पहुंच पाया। सामान्य औसत से अधिकतम तापमान इस दौरान कम रहा है। अधिकतम तापमान कम रहने और माहौल में नमी रहने की वजह से लू तो नहीं चली लेकिन उमस भरी गर्मी ने शहरियों को बेहाल किया। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि जिस साल नौतपा नहीं तपता उस बार मानसून तो जल्दी आ जाता है लेकिन बारिश ढंग की नहीं होती। बारिश न होने से धान की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस बार नौतपा के दौरान 5.6 मिमी बारिश भी हुई है।
सीएसए के मौसम विभाग के तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2022 से वर्ष 2024 तक नौतपा में तपन रही है। इसके पहले वर्ष 2021 में नौतपा नहीं तप पाए। 31 मई वर्ष 2021 को 54 मिमी बारिश भी हुई थी। इसके अलावा बीच में बूंदाबांदी होती रही है।
उन्होंने बताया कि नौतपा न तप पाने पर मानसून पहले जरूर आ जाता है लेकिन बारिश उस स्तर की नहीं हो पाती। नौतपा के आठ दिनों में तापमान 40 डिग्री नहीं पहुंच पाया। इस बीच सबसे अधिक तापमान 39.9 डिग्री 30 मई को रहा है। यह सामान्य औसत से 0.9 डिग्री कम था। सीएसए के मौसम विभाग ने चार और पांच जून को तेज हवा और गरज-चमक के साथ स्थानीय स्तर पर बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। बता दें कि नौतपा में 40 से 43 डिग्री तक तापमान अमूमन जाता है।
तापमान
अधिकतम- 38.4 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम- 27.7 डिग्री सेल्सियस
हवाएं बदलीं मानसून धीमा, 20 जून तक आने की उम्मीद
मानसून केरल तक पहुंच गया है लेकिन बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बन जाने के कारण हवाओं का रुख उस तरफ हो गया है। इससे मानसून धीमा पड़ा है। पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था कि मानसून 15 जून तक कानपुर परिक्षेत्र में दस्तक दे देगा लेकिन अब इसके 20 जून तक पहुंचने की उम्मीद है। मौसम तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि हवाओं का रुख बदलने की वजह से मानसून की गति थोड़ी सुस्त हुई है। इससे चार-पांच दिन का फर्क पड़ सकता है।