लगातार दूसरे दिन बुधवार को कानपुर नगर प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। 24 घंटे में रात और दिन के तापमान में मात्र दशमलव चार डिग्री की बढ़त दर्ज हुई। रात का तापमान 4.6 डिग्री और दिन का 16.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। रात में पाला पड़ने से कंपकंपी छूट रही है।
नए साल का स्वागत भी कड़ाके की ठंड के साथ हुआ। दोपहर में हल्की धूप निकलने की संभावना है। शहर में हल्का और हाईवे पर दृश्यता शून्य रही। अगले 48 घंटे तक इसी तरह की ठंड और कोहरा रहेगा। माैसम विभाग के अनुसार, रात के समय तापमान लगातार पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। माैसम विशेषज्ञ डाॅ. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बनी रहेगी। प्रदेश के आसपास के पर्वतीय राज्यों जम्मू कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बर्फबारी की वजह से मैदानी क्षेत्रों में बर्फीली हवाएं चलेंगी। इसके साथ ही कोहरा, धुंध और प्रदूषण की मात्रा में भी इजाफा हो सकता है। इस वजह से हवा में नमी की मात्रा पिछले 24 घंटे में बढ़कर 97 प्रतिशत रिकाॅर्ड की गई है। न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.5 डिग्री कम रहा। अगले 24 घंटे में कोहरे की वजह से हाईवे पर दृश्यता शून्य रह सकती है।
कानपुर में छाया कोहरा
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में सबसे कम तापमान
कानपुर नगर - 4.6 डिग्री
बाराबंकी - 4.8 डिग्री
शाहजहांपुर - 5.9 डिग्री
चुर्क - 6.0 डिग्री
हरदोई - 6.5 डिग्री
कानपुर में छाया कोहरा
- फोटो : अमर उजाला
शाम 6 बजे ही तीन गुना अधिक रहा प्रदूषण
महानगर में बुधवार को प्रदूषण की मात्रा शाम 6 बजे ही सामान्य से तीन गुना अधिक रही। प्रदूषण का निर्धारित सामान्य मानक 50 एक्यूआई रखा गया है जबकि शहर में स्थापित तीनों प्रदूषण मापक संयंत्रों में एक्यूआई 160 से ऊपर रही। नेहरूनगर में 163 एक्यूआई, किदवईनगर में 166 एक्यूआई और कल्याणपुर में 168 एक्यूआई रिकाॅर्ड की गई।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
ठंड से बचाव का देशी तरीका
- आजवाइन को पानी में घोलकर पीना चाहिए
- तुलसी, दालचीन, सोंठ, अदरक, काली मिर्च का काढ़ा बनाकर पीना चाहिए
- काढ़ा में शहद और नींबू भी मिलाया जा सकता है। इसके अलावा गुड़ भी डाला जा सकता है।
- सोंठ का गुड़ और अलसी के लड्डू भी बाजार में आसानी से मिल जाता है। इसका प्रयोग भी ठंड से बचने के लिए कर सकते हैं।
- इसके अलावा खजूर का प्रयोग भी काफी ताकत और गर्मी देता है।
(स्रोत.. डाॅ. निरंकार गाेयल आयुर्वेदाचार्य)