प्री मानसून इस बार देरी से शुरू हुआ है। इसे भी जलवायु परिवर्तन का नतीजा माना जा रहा है। आमतौर पर प्री मानसून मार्च से लेकर मई के बीच माना जाता है। इस बार प्री मानसून अप्रैल के दूसरे सप्ताह में आया है। इस मौसम में बूंदाबांदी के साथ तेज हवाएं, कड़कती बिजली और ओले पड़ते हैं। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में मौसम में जिस तरह का बदलाव आया है, उसकी वजह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाएं हैं। यह स्थिति पांच मई तक रहेगी। इस बीच उमस भी तेज होगी।
सीएसए की मौसम वेधशाला में अधिकतम तापमान तीन डिग्री नीचे लुढ़ककर 39.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। न्यूनतम तापमान ने उछाल मार दी और 24 घंटे में साढ़े छह डिग्री बढ़कर 25.7 डिग्री पर पहुंच गया। मौसम केंद्र लखनऊ की रिपोर्ट के मुताबिक, एयरफोर्स केंद्र में अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री और न्यूनतम 26.8 डिग्री दर्ज किया गया। हवाओं का रुख बदलते ही रविवार तड़के मौसम बदल गया। गरज-चमक के साथ बादल आ गए और अंधड़ चले। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हुई।
कानपुर में भीषण गर्मी
- फोटो : अमर उजाला
इससे सुबह नमी का प्रतिशत 47 हो गया। दोपहर को 22 प्रतिशत नमी माहौल में रही। साथ ही बादलों की वजह से धूप की चुभन कम हो गई लेकिन उमस बढ़ गई है। इससे अधिक पसीना निकलने वाली गर्मी हो गई। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि उमस की वजह से गर्मी अधिक लगेगी। साथ ही अंधड़ और गरजने वाले बादल आएंगे। स्थानीय स्तर पर बूंदाबांदी हो सकती है।
कानपुर में भीषण गर्मी
- फोटो : अमर उजाला
सीएसए के मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले पांच दिनों तक हल्के बादल छाए रहेंगे। पांच मई तक तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ बादल आएंगे।
मौसम वेधशाला सीएसए
अधिकतम- 39.2 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम- 25.7 डिग्री सेल्सियस
कानपुर में भीषण गर्मी
- फोटो : अमर उजाला
हवाओं में बढ़ी नमी तो बनने लगे बादल
अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और पर्वतीय क्षेत्र से आने वाली हवाओं में नमी बढ़ गई है। इस वजह से बादल बनने लगे हैं। यह प्री मानसून वाली स्थिति है। इसमें बरसने वाले नहीं गरजने वाले बादल अधिक बनते हैं। इस दौरान ओले और बिजली गिरने की संभावना रहती है। माहौल में तपिश और नमी रहने के कारण हीट इंडेक्स बढ़ जाता है जिससे उमस भरी गर्मी होती है। अभी नमी वाली हवाओं के आते रहने की संभावना है। इससे बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।. - डॉ. एसएन सुनील पांडेय, वरिष्ठ मौसम विज्ञानी