बांदा जिले में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। लू के थपेड़ों ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है और कई इलाकों में दोपहर के समय सन्नाटा पसरा रहा। न्यूनतम तापमान भी 33 डिग्री सेल्सियस रहा।
मई माह का अंतिम सप्ताह में भी जिला भीषण गर्मी की चपेट में आ गया है। रविवार सुबह नौ बजे से ही लू चलने लगीं। दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच मुख्य चौराहों पर सन्नाटा रहा। लोग खुद को गमछे और दुपट्टों से लपेटे हुए ई-रिक्शा और बाइकों से यात्रा करते नजर आए। शहर के सबसे व्यस्ततम बांदा-कानपुर मार्ग पर भी वाहनों की संख्या काफी कम देखी गई। उत्तर-पूर्व दिशा से एक से दो किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाओं ने गर्मी और शुष्कता को बढ़ा दिया है। हवा में नमी का प्रतिशत घटकर 25 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जिसने लू के प्रभाव को और गंभीर बना दिया है।
लू से बचाव के लिए दिए निर्देश
मंडलायुक्त अजीत कुमार सिंह ने लू से निपटने के लिए विशेष वार्ड स्थापित करने, दवाओं, ओआरएस, शुद्ध पेयजल, कूलर और पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए हैं। साथ ही, एंबुलेंस सेवाओं को सक्रिय और तत्पर रखने का भी आदेश दिया गया है।
भीषण गर्मी में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं
तेज धूप और लू के कारण लोगों को सिरदर्द और बेचैनी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। महुआ में जनगणना कार्य के दौरान एक अनुदेशिका, सरिता निर्मल, घर-घर जाकर आंकड़े जुटाते समय भीषण गर्मी के कारण बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ीं। उनके सहकर्मियों ने तत्काल सहायता प्रदान की गई।