यूपी से अभी मानसून की वापसी नहीं होगी। अरब सागर में शक्ति नामक चक्रवात के सक्रिय होने की वजह से फिर बादलों का रुख कानपुर सहित उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों की ओर हो गया है। माैसम विभाग का पूर्वानुमान है कि सात अक्तूबर से यहां पर फिर से हल्की बारिश हो सकती है। छह अक्तूबर को ही बादल आ जाएंगे। इससे दिन में धूप का असर भी कम हो सकता है।
माैसम विशेषज्ञ डाॅ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और इसके आसपास के क्षेत्रों में बना हुआ है। इसी तरह छह अक्तूबर को एक दूसरा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसकी वजह से मध्य और उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। बताया कि मानसून की वापसी के लिए 10 अक्तूबर के आसपास स्थितियां बन रही हैं। अभी दक्षिण पश्चिमी मानसून वापसी की रेखा के बीच रुका है।
अगले कुछ दिनों तक यूपी सहित बिहार और मध्य प्रदेश व पश्चिमी यूपी के अधिकांश जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। नमी का असर कानपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों में भी पड़ेगा। ऐसे में तापमान में भी कमी आ सकती है। इस बीच रविवार को धूप निकलने की वजह से अधिकतम तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 34.3 और न्यूनतम 0.7 डिग्री की बढ़त के साथ पारा 23 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
हवा-बारिश से धान की पकी फसल को हो सकता नुकसान
इस बार मानसून के लंबा खिंचने की वजह से इस समय खेतों में खड़ी धान की पकी फसल बारिश और हवा के आने से गिर सकती है। धान में बालियां आ गई हैं। फसल गिरने से पैदावार पर भी असर पड़ेगा। इसी तरह खेतों में नमी बने रहने से अगली फसल जैसे आलू की बोआई के लिए खेत तैयार नहीं हो पांएगे। ऐसे में बोआई समय से नहीं हो पाएगी जिससे पैदावार पर असर पड़ेगा। - डाॅ. एसएन सुनील पांडेय, माैसम वैज्ञानिक
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इस सीजन में सितंंबर में 30 प्रतिशत कम हुई बारिश
सामान्य निर्धारित बारिश-129.2 मिमी पर बारिश हुई 90.3 मिमी
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पिछले वर्षों में अक्तूबर में हुई बारिश का रिकार्ड
1985- 342.2 मिमी
2013- 143.2 मिमी
2014-60.4 मिमी
2015-19.7 मिमी
2016-34 मिमी
2017-30.0 मिमी
2018-00 मिमी
2019-23.6 मिमी
2020-00 मिमी
2021-144.8 मिमी