कानपुर देहात। कई दिन से हो रही बारिश के बाद सोमवार रात रुक रुक कर हुई 9.33 मिमी बारिश से उमस से राहत जरूर मिली लेकिन नाले उफनाने से जगह-जगह जलभराव हो गया। नगरीय क्षेत्र में जलभराव से आफत रही। जबकि रसूलाबाद क्षेत्र के पलिया बासखेड़ा-अंता मार्ग जलमग्न होने से आवागमन प्रभावित हो गया। वहीं खेतोें में पानी भरने से सब्जी के साथ दहलनी व तिलहनी फसलों को नुकसान है।
पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से रसूलाबाद तहसील क्षेत्र में कानपुर नगर सीमा से सटे पलिया बासखेड़ा-अंता मार्ग पर जलभराव हो गया। सड़क पर चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। कई गांवों के स्कूली बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं जबकि बीमार लोगों को अस्पताल ले जाना भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। रामलखन ने बताया कि बारिश से करीब 30 बीघा फसल पानी में डूब गई है। बाजरा, तिल व मूंग आदि की फसल में नुकसान है। राजकुमार शर्मा, राजन तिवारी, विजय द्विवेदी ने बताया कि सब्जी के खेत में पानी भरने से नुकसान है। इधर नाले उफनाने से अकबरपुर में बीआरसी परिसर, मेडिकल कॉलेज में ट्रामा सेंटर के आगे, गांधीपार्क, नबीपुर रठगांव मोड और रूरा में बाजार मार्ग, गांधीनगर में जलभराव हो गया। रनियां नगर पंचायत कार्यालय के पास जलभराव है।
वहीं, मैथा रनियां मार्ग, शिवाजी नगर, बजरंग नगर में जलभराव से लोग परेशान रहे। अमरौधा के पातेपुर से लंगड़ेपुर मार्ग पर जल भराव से राहगीरों को निकलने में खासी परेशानी हुई। गंदे पानी से होकर लोग निकल सके। यह रास्ता जलमग्न होने से प्राथमिक स्कूल जाने वाले शिक्षकों का बच्चों को परेशानी होती है। अमरौधा ब्लॉक के एडीओ पंचायत अखिलेश कुमार ने बताया कि जल निकासी कराई जाएगी। अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह सामान्य से करीब चार डिग्री सेल्सियस कम रहा। अकबरपुर व डेरापुर तहसील क्षेत्र में छह-छह मिमी, भोगनीपुर व सिकंदरा तहसील क्षेत्र में पांच-पांच मिमी और मैंथा तहसील क्षेत्र में 26 मिमी बारिश हुई। जिले में औसत बारिश 9.33 मिमी रही।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर खलील खान ने बताया कि मचान विधि से लौकी, तरोई व खीरा की खेती करने वाले किसानों की उत्पादित सब्जी की गुणवत्ता खराब नहीं होगी। लेकिन खेत में बिछी फसल में पानी भर गया है तो सब्जी की गुणवत्ता प्रभावित हो जाएगी। वहीं तिलहनी व दलहनी फसलों में भी पानी भरने से नुकसान की आशंका है। 24 घंटे से अधिक पानी भरा रहने से इन फसलों की जड़े सड़ जाती है। उन्होंने बताया कि किसान खेत से पानी निकाल दें। सीएसए के कृषि मौसम तकनीकी अधिकारी डॉ. अजय मिश्र ने बताया कि आगामी पांच दिनों में हल्के से मध्यम बादल छाए रहेंगे। स्थानीय स्तर पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।