अब बिना महंगे प्यूरीफायर के पानी भी शुद्ध होगा और उसके मिनरल भी बचे रहेंगे। डॉ. आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर हैंडीकैप्ड (एआईटीएच) के प्रोफेसर ने चाय पत्ती और पीपल के पत्तों का पाउडर तैयार किया है।
उनका दावा है कि इस पाउडर से निर्मित फिल्टर पानी में डालते ही क्रोमियम, फ्लोराइड समेत अन्य गंदगी को सोख लेता है। एआईटीएच के केमिकल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष मिश्रा के मार्गदर्शन में छात्र प्रदीप, सचिन, शुभम और कीर्ति ने इस पाउडर का निर्माण किया है।
डॉ. आशुतोष ने बताया कि इसमें चाय बनने के बाद जो पत्ती बचती है उसका प्रयोग किया गया है। पाउडर को भट्ठी में 350 डिग्री तक पायरोलिसिस (ऑक्सीजन के बिना किया जाने वाला ताप विघटन) किया गया है। बताया कि इस पाउडर से एक फिल्टर तैयार कर उसे पानी में डाला गया तो सारे हैवी मेटल फिल्टर ने सोख लिए।
जांच में पाया गया कि मिनरल भी सभी बचे रह गए जबकि अधिकांश प्यूरीफायर मिनरल को भी खत्म कर देते हैं। बताया कि अभी यह प्राथमिक स्तर पर है। अभी सही ढंग से इसका फिल्टर बनाने पर काम किया जाएगा।