कानपुर। जिले के प्रभारी और कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामू वालिया मंगलवार को जलसंकट की आड़ में नेतागीरी कर के चले गए। पब्लिक की समस्या सुनने और उनका समाधान करने के बजाय बंद कमरे में अधिकारी, सपा के घोषित प्रत्याशी, जिलाध्यक्ष और विधायकों के साथ मीटिंग की। प्रभारी मंत्री ने साफ कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक है। अब अधिकारियों को पार्टी (सपा) लाइन के हिसाब से काम करना चाहिए। इसी सिलसिले में 16 मई को सर्किट हाउस में समन्वय मीटिंग बुलाई गई है। इसमें जिला स्तरीय अधिकारी और सपा के नेता, विधायक रहेंगे।
जिले के प्रभारी मंत्री मंगलवार को निर्धारित समय (दोपहर 3 बजे) पर सर्किट हाउस पहुंचे लेकिन पेयजल संकट से संबंधित मीटिंग नहीं की।
जल निगम और जलकल के अधिकारी बुलाए जरूर गए थे लेकिन पार्टी और प्रत्याशी से संबंधित समस्याओं के निपटारे के लिए। इससे पब्लिक का कोई लेना देना नहीं था। इसीलिए बंद कमरे में मीटिंग हुई। एसएसपी शलभ माथुर, सीडीओ अरुण कुमार और एडीएम सिटी अविनाश सिंह की मौजूदगी में मंत्री ने कहा कि संगठन जो चाहे वह काम अधिकारी प्राथमिकता पर निपटाएं। अब काम टालने या फिर हीलाहवाली से काम नहीं चलेगा। जलकल जीएम ने पार्टी कार्यकर्ता और नेताओं के हिसाब से काम नहीं किया। इसी का नतीजा रहा कि उन्हें हटा दिया गया। अब अधिकारियों को जिम्मेदारी से काम करना पड़ेगा। पूरी मीटिंग के दौरान मंत्री ने संगठन और पार्टी को फोकस में रखा। मीटिंग के बाद मंत्री ने जिलाध्यक्ष फजल महमूद को हर पल अपने साथ रखा। मीटिंग के दौरान विधायक इरफान सोलंकी, सतीश निगम, रीता जितेंद्र बहादुर सिंह, हाजी परवेज, ओम प्रकाश मिश्रा, सुनील शुक्ला और पार्षद राजेंद्र कटियार मौजूद रहे।
सवाल ः बंद कमरे में मीटिंग की कोई खास वजह थी?
जवाब ः जी नहीं! पार्टी के काम से कानपुर आया था। मीटिंग का कोई अधिकारिक कार्यक्रम नहीं था।
सवाल ः सरकारी कार्यक्रम के हिसाब से सर्किट हाउस में मीटिंग होनी थी?
जवाब ः जीएम जलकल आए थे। पूरी रिपोर्ट ली है। अब स्थिति सामान्य है। एसएसपी और सीडीओ से भी प्रगति की समीक्षा पूछी है।
सवाल ः आप 22वें दिन बाद आए। जो काम पहले कहे थे, उनमें कुछ हुआ या नहीं?
जवाबः काम चल रहा है। सकारात्मक रिजल्ट आएगा। इसी सप्ताह बड़ी मीटिंग करके सभी कार्यों की समीक्षा की जाएगी। इसकी रूपरेखा जिला स्तरीय अधिकारियों को तैयार करनी है।
सवाल ः पेयजल संकट जस का तस है। तालाबों से कब्जे भी नहीं हटे, क्या करेंगे?
जवाब ः अधिकारियों से काम लेना है। किसी का अपमान नहीं किया जाएगा। सारे काम होंगे जरूर। कुछ समय लग सकता है।
सवाल ः कहा था हैंडपंप लगाने और रिबोर में गड़बड़ी की जांच होगी, जो नहीं हुई।
जवाब ः जीएम जलकल नए हैं। कुछ समय मांगा है। जल्दी ही जांच रिपोर्ट सामने होगी। साढ़े 12 करोड़ रुपये की धनराशि जल्द ही जारी होगी। इसकी पैरवी संबंधित विभाग से की जा चुकी है। अब जिलाधिकारी स्तर से पैरवी होनी है।
सवाल ः पाइप लाइन बिछाने में घोटाला हुआ, क्या जांच कराएंगे?
जवाब ः गड़बड़ी करने वाले किसी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की गई है। जल्द ही एक कमेटी बनाकर जांच कराई जाएगी।