कानपुर। दो दिन हुई बारिश से पांडु नदी का पानी एक बार फिर उफान मारने लगा है। पनकी पनका से लेकर गोपालपुरम, मेहरबान सिंह का पुरवा और टिकरा तक कई इलाकों में पानी घरों और गलियों में पानी भर गया है।
गोपालपुरम में जलभराव के बीच फंसे 30 परिवारों को एनडीआरएफ और पीएसी की टीम ने निकाला। सुंदरनगर में घरों के अंदर ढाई फीट तक पानी भर गया। इस पर लोगों को घर छोड़ना पड़ा। टिकरा गांव के निचले इलाकों में भी पानी घुस गया। कुछ स्थानों पर करीब एक फीट पानी है।
पनकी पनका से नदी की ओर जाने वाला वैकल्पिक पुल भी लगभग डूब गया। प्रशासन ने ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। वहीं, सुंदर नगर कॉलोनी में पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से नाले का पानी बैकफ्लो होकर घुस गया। कई घरों में दो से ढाई फीट पानी भर गया। रसोई, बेडरूम और घर में रखा सामान पानी में डूब गया। कई परिवार रिश्तेदारों के यहां जाने को मजबूर हुए। स्थानीय लोगों के मुताबिक 2018 के बाद पहली बार इतने खराब हालात बने हैं।
आवास विकास-3 में घुटनों से ऊपर पानी
कल्याणपुर के आवास विकास-3 में घुटनों से ऊपर पानी भर गया। घरों में करंट के खतरे से लोग दहशत में हैं। सामान खराब होने का डर सता रहा है। लोगों के विरोध के बाद पोकलेन और जेसीबी से नालों की सफाई शुरू कराई गई।
-
पांडु नदी में दो लोगों से बातचीत
आवास विकास-3 में जलभराव का मुख्य कारण आईआईटी परिसर से निकला नाला है। इसका गंदा पानी ओवरफ्लो होने के बाद यहां जलभराव हो गया। ऐसा पहले कभी भी नहीं हुआ। - रामनारायण गौतम, पार्षद वार्ड-23
सुंदरनगर में बाढ़ का पानी भरने के कारण सबसे ज्यादा पीने के पानी की समस्या पैदा हो गई है। पानी के टैंकर भी कम आते हैं और लोग ज्यादा हैं। - विशाल यादव, सुंदर नगर कॉलोनी