कानपुर देहात। झींझक, रसूलाबाद व सरवनखेड़ा ब्लॉक की पांच पुरानी पेयजल परियोजनाओं को सुदृढ़ करने की तैयारी है। इन योजनाओं की डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) लगभग 6.91 करोड़ रुपये की है। अब 15 जून को स्टेट लेवल स्क्रीम सेक्शन कमेटी के समक्ष इन्हें मंजूरी के लिए रखा जाएगा। कुछ और गांवों की योजनाएं भी सुदृढ़ीकरण में शामिल की जा सकती हैं। इसके संकेत भी जल निगम ने दिए हैं।
जल जीवन मिशन के तहत अब लोगों को पीने का शुद्ध पेयजल पाइप लाइन के जरिए उपलब्ध कराने पर जोर है। झींझक ब्लॉक की बनीपारा महराज, सरवनखेड़ा की अहमदपुर स्योंदा, फतेहपुर रोशनाई, रसूलाबाद की नैला कटरा व मिताई निवादा पेयजल परियोजनाएं पुरानी हैं। आंशिक रूप से पेयजल आपूर्ति से पूरी बस्ती को पीने का पानी उपलब्ध नहीं होता है। अब इन परियोजनाओं की खामियां दूर करने और भूमिगत पाइप लाइन का विस्तार कर नई बस्तियों तक पीने का पानी मुहैया कराने की रूपरेखा तय की गई है। खामियों का सर्वे कराकर जल निगम ने डीपीआर तैयार कर तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
वहीं, जल निगम कुछ और गांवों की पुरानी आंशिक तौर पर संचालित पेयजल परियोजनाओं को सुदृढ़ीकरण में शामिल कर सकता है। इसके संकेत अफसरों से दिए हैं, लेकिन कौन सी योजनाएं सुदृढ़ीकरण में शामिल होंगी। अभी यह साफ नहीं हो सका है। जल निगम के अधिशासी अभियंता एमके सिंह ने बताया कि तकनीकी मंजूरी मिलने के ठीक बाद स्टेट लेवल स्क्रीम सेक्शन कमेटी में मंजूरी की कार्रवाई होगी। इसके बाद पेयजल परियोजनाओं के सुदृढ़ीकरण का काम शुरू कराया जाएगा।