गाड़ियों की धुलाई में खर्च हुए पानी को दोबारा इस्तेमाल में लाने का काम वोगा सेवर मशीन करेगी। इस वाटरस रिसाइकलिंग मशीन को बनाया है कानपुर गुजैनी निवासी अहिबरन सिंह वर्मा ने। गुरुवार को उनके गुजैनी स्थित आवास पर बने वोगा सेवर सर्विस सेंटर का उद्घाटन सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह भदौरिया ने किया। सिंचाई मंत्री ने इस तकनीक को क्रांतिकारी आविष्कार बताया।
इस मौके पर सर्विस सेंटर संचालक अहिबरन सिंह वर्मा ने सिंचाई मंत्री को इस तकनीक की जानकारी दी। वर्मा ने बताया कि तकनीकी के नाम वोगा का अर्थ डब्लू से वाटर, ओ से ऑयल, जी से गंगा और ए से एटमासफियर सेवर है। इस तकनीकी से बने प्लांट के जरिए 100 प्रतिशत पानी रीसाइकिल होगा। इसे बनाने में करीब आठ महीने लगे हैं और करीब ढाई लाख रुपये का खर्च हुए हैं। इसमें पांच हजार लीटर के दो टैंक लगे हैं। एक टैंक में गाड़ियों से निकला ऑयल और दूसरे में फिल्टर हुआ पानी एकत्रित होता है। सर्विस सेंटर के इस्तेमाल करने के बाद वाहनों की धुलाई में होने वाली पानी की बर्बादी रुकेगी। ऑयल गंदे पानी के जरिए गंगा में नहीं गिरेगा। इससे गंगा और पर्यावरण की रक्षा होगी। इस दौरान भाजपा प्रदेश मंत्री प्रकाश पाल, जय भदौरिया, संजय कटियार, स्वतंत्र अग्रवाल, लक्ष्मी नारायण आदि रहे।
WOGA SAVER मशीन का अर्थ
सिंचाई मंत्री ने इस तकनीक को क्रांतिकारी आविष्कार बताया
W-पानी बचाने के लिए हजारों बार पानी का रिसाइकिलिंग (Water saver recycling of water thousands of time) O- 100त्न सफाई तेल की बचत (Oil saver 100% saving of cleaning oil) G- तेल गंगा के जल में मिश्रित नहीं होगा (Ganga saver! oil will be not mixed in Ganga water) A- वातावरण के लिए लाभदायक (Air saver! Atmosphere eco friendly)
ऐसे काम करती है ये मशीन
अहिबरन सिंह वर्मा ने बनाई है वोगा सेवर मशीन
- अहिबरन ने बताया कि मिट्टी, पानी और ऑयल तीनों में आपेक्षित घनत्व का अंतर होता है। इसी इंजीनियरिंग का संशोधन करके इस मशीन के जरिए एक नया रूप दे दिया है। मशीन में जाते ही मिट्टी, पानी और ऑयल अलग-अलग हो जाता है। मैकेनिकल सैपरेटर से मशीन में लगी दूसरी मोटर साफ पानी प्रेशर के साथ बाहर कर देती है।
- यह मशीन फैक्ट्रियों, घरों और ऑटोमोबाइल के काम की है। छोटी मशीन बेंच वर्क के लिए 60 हजार रुपये और कार, ट्रक, मोटरसाइकिल की धुलाई के लिए लगभग डेढ़ लाख रुपये में तैयार हो जाएगी। छोटी मशीन का साइज 4 बाई 2.5 और ऊंचाई दो फिट रहेगा।
- बड़ी मशीन के लिए 10 बाई 6 साइज, 4 फिट की ऊंचाई है। छोटी मशीन पानी सहित 50 किलोग्राम वजन की है जिसमें चार सौ लीटर पानी होता है। बड़ी मशीन लगभग दो सौ किलो की है जिसमें तीन हजार लीटर पानी आता है। बड़ी मशीन में 2.2 किलोवाट की मोटर है। साथ ही एक मोटर 1.5 एचपी की है जो नीचे से पानी उठाकर सिस्टम में देती है। आधा-आधा हार्स पॉवर की मोटर प्रेशर स्प्रे के लिए लगाई गई है।
- ऑटोमोबाइल में पुर्जे मिट्टी के तेल (क्लीनिंग ऑयल) से साफ करते हैं। इस मशीन के प्रयोग से यह तेल 100 प्रतिशत वापस हो जाता है और पानी भी। उसे बार-बार रिसाइकिल करते हैं। केमिकल कोई नहीं लगता है न ही कोई फिल्टर लगता है।
- बिजली सिर्फ प्रेशर बनाने के लिए लगती है। साफ करने के लिए बिजली नहीं लगती है क्योंकि आपेक्षित घनत्व का अंतर पानी और ऑयल को अलग कर देता है और प्रेशर मशीन दोनों को अलग कर देती है। यह एक छोटा प्लांट है तमाम लोग अगर पानी का दोबारा प्रयोग करना चाहते हैं उनके लिए ये मशीन लाभदायक है।
- अहिबरन ने अपने गुजैनी स्थित आवास पर वाटर रिसाइकलिंग सर्विस स्टेशन बनाया है जिसमें वोगा सेवर मशीन लगाई गई है। इस सर्विस सेंटर में कार, बाइक और स्कूटर को बिना पानी बर्बाद किए धोया जा सकेगा। मोटर साइकिल का 60 रुपये और कार के लिए 300 रुपये धुलाई का चार्ज लिया जाएगा।
- अहिबरन ने जो सिक्स स्ट्रोक हाईब्रिड बाइक बनाई है। उसका पेटेन्ट नंबर 201711017778 है। अहिबरन ने अपनी दोनों बाइकों और वाटर रिसाइकलिंग मशीन की जांच पड़ताल के लिए डेढ़ साल पहले तत्कालीन जिलाधिकारी रोशन जैकब को आवेदन किया था। अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं मिल सकी है।
- इसमें मेंटीनेंस चार्ज बिल्कुल भी नहीं आता। एक साल पुराना गंदा पानी भी यह ऑटोमैटिक मशीन साफ कर देती है। इस मशीन द्वारा खर्च किया हुआ पानी फिर से वापस मशीन में बने छिद्रों से आ जाता है।