ड्रग लाइसेंस की फीस बढ़ोतरी के प्रस्ताव के खिलाफ 28 फरवरी को बुलाए गए बंद का विरोध शुरू हो गया है।
यूपी केमिस्ट एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (यूपी सीडीए) ने कार्टून के जरिये आल इंडिया आर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट (एआईओसीडी) के बंद के आह्वान को गलत बताया है।
ममके माध्यम से बताया गया है कि बंद किसी समस्या का हल नहीं है। कुछ लोगों की चालाकी में दवा व्यापारी पिस रहे हैं। फार्मेसिस्ट, शेड्यूल एच वन, फूड एक्ट, एक्सपायरी, कमीशन आदि का मामला जस का तस बना हुआ है।
दवा व्यापारी संजय मेहरोत्रा ने कहा कि दुकानदार उनकी बातें समझने लगे हैं। बंद का कहीं असर नहीं दिखेगा। हालांकि एआईओसीडी के महासचिव सुरेश गुप्ता का कहना है कि बंद व्यापारी हित में है।
सरकार जब तक हमारी एकता को नहीं पहचानेगी तब तक हमारी समस्याओं को नहीं समझेगी। 28 फरवरी को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की दवा की सभी थोक व फुटकर दुकानें बंद रहेंगी।