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कोचिंग मंडी तक पहुंचा व्यापमं घोटाला

Sat, 21 Mar 2015 03:06 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
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व्यापमं घोटाले में काकादेव कोचिंग मंडी के दो कोचिंग संचालकों की भी एसआईटी ग्वालियर को तलाश है। दोनों कोचिंग के संचालक फरार बताए जा रहे हैं। इनकी तलाश में दोनों कोचिंग मंडियों और इनके घरों पर छापा भी मारा जा चुका है।
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एसआईटी ग्वालियर के अधिकारियों ने बताया कि जीआरएस एंड न्यू लाइट कोचिंग क्लासेज काकादेव के संचालक आनंद कुमार सिंह की मृत्यु हो चुकी है। इस कोचिंग के केमेस्ट्री के टीचर संजय सिंह यादव की व्यापमं घोटाले में संलिप्तता उजागर हुई है।

एसआईटी इनकी तलाश कर रही है। दूसरी ओर प्रैक्टीजियम-एबी ओमेगा कोचिंग क्लासेज काकादेव के महेंद्र सिंह चौहान की भी घोटाले में तलाश है। इनकी भी घोटाले में संलिप्तता की पुष्टि हुई है। पूछताछ के लिए इन्हें कई बार बुलाया गया लेकिन यह जांच टीम के सामने नहीं पहुंचे।
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इससे पहले गिरफ्तार किए जा चुके मेडिकल कॉलेज स्टूडेंट्स में से अधिकतर के तार भी कोचिंग मंडी से जुड़े पाए गए हैं। इसलिए एसआईटी अब कोचिंग मंडी पर नजरें गढ़ाए है। दूसरी ओर एसआईटी ग्वालियर ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ के डॉ. रामशरण पर तीन हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
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महोबा के कबरई तहसील अंतर्गत रवई गांव निवासी डॉ. रामशरण ने केजीएमयू लखनऊ में 2009 में दाखिला लिया था। व्यापमं घोटाले में इनकी काफी समय से तलाश है।
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