फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सॉल्वर गैंग के पीछे व्यापम का मास्टरमाइंड, जांच में मिल रहा कनेक्शन, परीक्षाओं में बड़े स्तर पर की गई सेंधमारी

Fri, 02 Oct 2020 02:09 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
यूपी पुलिस
विज्ञापन
नीट और यूपी कैटेट की परीक्षा में सेंधमारी के मामले में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। सॉल्वर गैंग के पीछे व्यापम घोटाले का मास्टरमाइंड रमेश चंद्र शिवहरे है। ऐसी जानकारी पुलिस को जांच के दौरान मिली है। पुलिस ने अब इस संबंध में साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। अगर इसकी पुष्टि होती है तो तय है कि परीक्षाओं में सेंधमारी बहुत बड़े पैमाने पर की गई है।
विज्ञापन


पुलिस ने बुधवार को दो डॉक्टरों समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसमें जीएसवीएम मेडिकल कालेज का डॉक्टर अवध बिहारी, राम मनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ का डॉक्टर सचिन कुमार मौर्या के साथ गोरखपुर का अमित कुमार, फैजाबाद का राकेश वर्मा, पनकी का धीरेंद्र प्रताप, बलरामपुर का महफूज व गोरखपुर का बेदरतन शामिल है।

धीरेंद्र पहले ही व्यापम घोटाले में जेल जा चुका है। वहीं पुलिस की जांच में पता चला है कि फरार आरोपी महोबा निवासी सतेंद्र सिंह का कनेक्शन व्यापम के मुख्य आरोपी रमेश चंद्र शिवहरे से है। पुलिस को आशंका है कि इस पूरे फर्जीवाड़े और सॉल्वर गैंग के पीछे शिवहरे है।
विज्ञापन


 
विज्ञापन

चूंकि वह कई वर्षों से इस तरह के गैंगों में शामिल रहा है, सॉल्वर बैठाने से लेकर अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी में उसका हाथ रहा है। इसलिए पूरी संभावना है कि इसमें भी उसका हाथ है। एसपी पश्चिम अनिल कुमार ने बताया कि व्यापम घोटाले के आरोपियों के संबंध में कुछ जानकारियां मिल रही हैं जिसके आधार पर तहकीकात की जा रही है।

पर्दे के पीछे रहकर शिवहरे कर रहा सेंधमारी
पुलिस के मुताबिक मथुरा निवासी भोलाशंकर इस सॉल्वर गैंग का सरगना है। ये भी पता चला है कि चूंकि शिवहरे व्यापम में जेल जा चुका है, साथ ही कई अन्य परीक्षाओं में भी उसका नाम आया है, इसलिए वो पर्दे के पीछे रहकर गैंग चला रहा है जिसकी जिम्मेदारी उसने भोलाशंकर को सौंपी है। इसमें कितनी सच्चाई है, ये पुलिस की तहकीकात पूरी होने के बाद ही पता चलेगा।

राजनीति में सक्रिय रहा है शिवहरे
शिवहरे राजनीति में सक्रिय रहा है। महोबा से उसकी पत्नी भी जिला पंचायत अध्यक्ष रही है। करीब छह साल पहले वो जब परीक्षाओं में सेंधमारी कर रहा था तब अपनी राजनीतिक पहुंच का उसने बखूबी फायदा उठाया था। उसने काकादेव कोचिंग मंडी में अपनी धाक जमाई।

एक कोचिंग संचालक मित्र के साथ मिलकर अभ्यर्थियों को अपने में जाल में फंसाता था। सेलेक्शन कराने को लेकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। व्यापम घोटाले में वो यूपी का मास्टरमाइंड था। अब पुलिस ने उसके बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। एसपी का कहना है कि अगर उसका हाथ सामने आता है तो कार्रवाई की जाएगी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें