अब पता बदलने पर आपका वोटर आईडी नंबर नहीं बदला जाएगा। आपको वोटर लिस्ट में एक जगह से नाम कटवाने और दूसरी जगह जुड़वाने का झंझट नहीं उठाना पड़ेगा। नए एड्रेस वाले शहर के जिला निर्वाचन दफ्तर में अर्जी देने पर पहले वाले शहर की वोटर लिस्ट से आपका नाम काटकर नए शहर वाली वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया जाएगा। इसके बाद उसी वोटर आईडी में पता बदलते हुए डुप्लीकेट वोटर आईडी तुरंत जारी कर दिया जाएगा। यही प्रक्रिया एक ही शहर में विधानसभा क्षेत्र बदलने पर भी अपनाई जाएगी।
एक ही व्यक्ति के कई स्थानों से वोटर बने होने पर रोक लगाने के लिए निर्वाचन आयोग ने वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक कराने का काम शुरू किया है। हर वोटर को अपना वोटर आईडी आधार कार्ड नंबर से लिंक कराना है। यह काम पूरा होने के बाद एक ही व्यक्ति के दो या अधिक स्थान से वोटर बनने का खुलासा हो जाएगा। इसलिए आधार कार्ड से लिंक वाले वोटर आईडी को छोड़कर अन्य स्थानों पर वोटर लिस्ट में शामिल नाम हटा दिए जाएंगे। आधार कार्ड से लिंक वोटर आईडी पर पड़ा नंबर आपका यूनिक नंबर होगा। ऐसे में अगर आप भविष्य में एक ही शहर में अपना निवास स्थान बदलते हैं या फिर शहर बदल देते हैं तो आपको निर्वाचन दफ्तर में एक अर्जी देनी होगी। इस अर्जी पर उसी वोटर आईडी पर आपका पता बदलते हुए डुप्लीकेट वोटर आईडी जारी हो जाएगा। यह काम करने के लिए निर्वाचन दफ्तर ने हर जिले में दो-दो मशीन मुहैया कराई हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी/ एडीएम फाइनेंस शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि हर वोटर को अपना आईडी आधार कार्ड से लिंक करना अनिवार्य है। जिन वोटरों ने अभी तक आधार कार्ड नहीं बनवाए हैं, वह जल्द से जल्द आधार कार्ड बनवा लें। सभी विधानसभा क्षेत्रों में आधार कार्ड कैंप लगवाए जा रहे हैं। वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक न कराने वाले वोटर को जिला निर्वाचन दफ्तर से नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस पर दिए गए तय समय में उसे जवाब देना होगा। ऐसा न करने पर माना जाएगा कि संबंधित वोटर को कुछ नहीं कहना है। इसके बाद उसका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा।