पनकी पड़ाव के पास रविवार की रात दुर्घटनाग्रस्त हुई वॉल्वो बस की स्पीड निर्धारित मानक से ज्यादा थी, जिससे वह ट्रक से टकराकर पलट गई। सोमवार को बस में लगे बीटीएस की पड़ताल करने के बाद यह खुलासा हुआ। परिवहन निगम ने इस पर वॉल्वो कंपनी को नोटिस भेजा है।
शहरी क्षेत्र में वॉल्वो बस की स्पीड 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे निर्धारित की गई है, लेकिन रविवार रात दुर्घटनाग्रस्त हुई वॉल्वो बस की स्पीड 70 किलोमीटर प्रति घंटा थी। परिवहन निगम के कार्यवाहक क्षेत्रीय प्रबंधक रमेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए वॉल्वो प्रबंधन को पत्र लिखा गया है।
इस घटना से सबक लेते हुए निगम की सामान्य बसों की स्पीड भी निर्धारित कर दी गई है। हाइवे पर 70 और शहरी क्षेत्र में 40 किलोमीटर प्रति घंटा रफ्तार तय की गई है। इसके अलावा क्षेत्र के सभी छह डिपो के 12 सौ चालकों को गति सीमा पर ध्यान केंद्रित करने की शपथ भी दिलाई गई।
लखनऊ से वाया कानपुर होकर दिल्ली के लिए दो वॉल्वो बसें ही चलती हैं। इसके अतिरिक्त कानपुर से होकर अन्य क्षेत्रों को जाने वाली कुल बसों की संख्या 485 है। बता दें कि लखनऊ से दिल्ली जा रही रोडवेज की प्लेटिनम लग्जरी वॉल्वो बस (यूपी 32 सीजेड 2849) रविवार आधी रात के बाद करीब एक बजे पनकी पड़ाव के पास एक ट्रक से टकराकर पलट गई थी।
इससे एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई और करीब 25 सवारियां घायल हो गई थीं। देर रात मृतकों की शिनाख्त बक्शी का तालाब निवासी सुधीर सिंह और पीजीआई के इंजीनियर अशोक सिंह की बेटी नेहा सिंह के रूप में हुई थी।
रोडवेज की वॉल्वो बस में मृत युवती की पहचान लखनऊ की नेहा सिंह (25) के रूप में हुई है। नेहा चंडीगढ़ में एक निजी कंपनी में इंजीनियर थी। उसके पिता पीजीआई लखनऊ में जेई हैं। वहीं सरकारी आवास में रहते हैं। नेहा लखनऊ में नेट की परीक्षा देने के बाद बस से दिल्ली जा रही थी। वहां से उसे चंडीगढ़ जाना था।
हादसे में मारे गए दूसरे यात्री की पहचान बक्शी का तालाब लखनऊ निवासी सुधीर सिंह के रूप में हुई। वे डेयरी चलाते थे। घायल 24 यात्रियों को हैलट में भर्ती कराया गया था। इनमें एक युवती समेत दो लोगों के हाथ कट गए हैं। वहीं एक महिला की आंख में गहरी चोट है। डॉक्टरों ने कई घायलों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी।