मौसम में तेजी से हो रहे उतार-चढ़ाव के साथ मिश्रित वायरल फीवर के रोगी बढ़ रहे हैं। कानपुर में सीने में जकड़न बढ़ने से मंगलवार रात एक रोगी की मौत हो गई। हैलट अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में आए 300 रोगियों में 200 बुखार के थे।
डॉक्टरों का कहना है कि रोगियों में मिश्रित वायरल संक्रमण हो रहा है। कई वायरस का संक्रमण एक साथ होने से प्लेटलेट्स काउंट घट जा रहा है। इसके अलावा उमस भरी गर्मी में शरीर की पानी की कमी के कारण लोगों के गुर्दों में खराबी आ रही है। बालरोग में उल्टी दस्त और डायरिया के रोगियों की भरमार है।
जाजमऊ के रहने वाले मुनींद्र कुमार (65) की वायरल संक्रमण से मौत हो गई। उन्हें निमोनिया हो गया था। इसके साथ ही गुर्दों में खराबी आ गई और पेशाब रुक गई। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें उर्सला लेकर आए लेकिन मौत हो गई।
डॉक्टरों का कहना है कि जो पहले से डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, लिवर के रोगी हैं, उनकी वायरल संक्रमण से तेजी से तबीयत बिगड़ रही है। उर्सला के आईसीयू प्रभारी डॉ. शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि इंटेसिव केयर यूनिट के सारे बेड फुल हो गए हैं। इसी तरह बच्चों में डायरिया, उल्टी-दस्त और बुखार के रोगी आ रहे हैं।