सात हजार करोड़ से ज्यादा का बैंक घोटाला करने वाले आरोपी उदय देसाई और राहुल कोठारी को जेल में शुरू से ही वीआईपी सुविधाएं दी गईं। काफी समय तक जेल अस्पताल में भी रहे और उसके बाद हैलट फिर उर्सला के प्राइवेट वार्ड में भर्ती हो गए।
इसके बाद जुगाड़ लगाकर लखनऊ के अस्पतालों में शिफ्ट हो गए। जेल प्रशासन का रवैया शुरू से ही दोनों के प्रति नरम रहा। कोर्ट ने भी इसका संज्ञान लेकर जेल अधीक्षक को तलब किया है। रोटेमैक के मालिक विक्रम कोठारी, उनका लड़का राहुुल कोठारी, हीरा कारोबारी उदय देसाई, लड़का सुजॉय देसाई समेत अन्य आरोपी बैंक घोटाले में फंसे हैं।
एसएफआईओ (सीरियस फॉड इनवेस्टिगेशन ऑफिस) ने 20 मार्च 2020 को मुंबई से उदय देसाई को गिरफ्तार किया था। उसे कानपुर जेल भेजा गया था। राहुल कोठारी पहले से ही बंद था। जेल पहुंचने के कुछ दिन बाद ही उदय व राहुल जेल अस्पताल में शिफ्ट हो गए थे।