कानपुर देहात। सीएचसी हवासपुर में प्रसव के बाद हुई प्रसूता की मौत के मामले में कार्रवाई न होने से नाराज परिजन व ग्रामीणों ने शनिवार को कलक्ट्रेट पहुंच धरना दिया। लोगों ने स्टाफ नर्सों पर बिना डॉक्टर की मौजूदगी में इलाज करने व रुपये मांगने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों के कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद नाराज परिजन वापस लौटे।
एक उम्मीद जन कल्याण सेवा समिति की राष्ट्रीय सचिव दीक्षा यादव के नेतृत्व में शनिवार को हवासपुर क्षेत्र के करीब 300 लोग शनिवार दोपहर एक बजे के करीब कलक्ट्रेट पहुंचे। लोगों ने परिसर का घेराव कर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दसहरी निवासी ब्रजेंद्र सिंह ने बताया कि पुत्र वधु शिवानी (20) का सात सितंबर की सुबह सीएचसी हवासपुर में प्रसव हुआ था। आरोप लगाया कि प्रसव के बाद ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्सों ने उनसे नेग के तौर पर पांच हजार रुपये मांगें। रुपये न देने पर पुत्र वधु का सही से उपचार नहीं किया। इससे उसकी हालत बिगड़ गई।
इस दौरान अस्पताल में कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। शाम पांच बजे के करीब हालत अधिक बिगड़ जाने पर पुत्र वधु को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में उसकी हालत नाजुक देखते हुए हैलट भेज दिया रास्ते में ही पुत्र वधु की मौत हो गई। उसने मामले में स्वास्थ्य अधिकारियों से शिकायत की थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
वहीं, समिति की राष्ट्रीय सचिव दीक्षा यादव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार लापरवाही की जा रही है। बिना डॉक्टर की मौजूदगी में स्टाफ नर्स ने प्रसव कैसे किया। स्टाफ नर्स को बर्खास्त करने के साथ ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर की भूमिका भी जांच कर कार्रवाई की जाए। सीएचसी में हुई लापरवाही पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ओर से जांच भी नहीं करवाई गई। पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाए।
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जिलाधिकारी से मिलने की मांग पर अड़े रहे लोग
कलक्ट्रेट पहुंचे नाराज लोगों को मनाने के लिए एडीएम अमित कुमार, सीएमओ डॉ. जय गोविंद, सीओ सदर संजय सिंह सहित अन्य अधिकारी पहुंचे लेकिन ग्रामीण जिलाधिकारी से मुलाकात और कार्रवाई के बिना वापस न जाने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान प्रसूता की सास सीएमओ डॉ. जय गोविंद से कहती दिखी कि साहब हमारी बस एक बार डीएम साहब से मुलाकात करवा दीजिए। वह बार बार गुहार लगाती रहीं। वह कहती रही कि हमें बच्चे के लिए इंसाफ मांगना है। हालांकि एडीएम अमित कुमार के समझाने और कार्रवाई का आश्वासन देने पर शांत होकर दो बजे के करीब वापस लौट गए। घटना को लेकर सीएचसी हवासपुर के अधीक्षक डॉ. सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि प्रसव के बाद महिला की हालत बिगड़ने वाले दिन वह स्वयं कार्यालय में मौजूद थे और ड्यूटी पर तैनात डॉ. दिलीप सक्सेना भी मौके पर थे। स्टाफ नर्स की ओर से प्रसूता की हालत बिगड़ने को लेकर उन्हें जानकारी सीधे पांच बजे रेफर लेटर तैयार करवाने के दौरान दी गई। इससे पहले स्टाफ नर्स की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई।
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बयान.....
प्रथम दृष्टया ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स सोनम व संविदा स्टाफ नर्स प्रिया सचान की लापरवाही सामने आई है। इसपर स्टाफ नर्स प्रिया सचान को बनीपारा पीएचसी स्थानांतरित किया गया है। इसके साथ ही स्टाफ नर्स सोनम पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्राचार किया गया है। - डॉ. जय गोविंद, सीएमओ
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हवासपुर सीएचसी में हालत बिगड़ने से प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है। स्टाफ नर्स पर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। इस प्रकरण में चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम जांच कर रही है। संबंधित स्टाफ नर्स को निलंबित करने की कार्रवाई की गई है। जांच में यदि दोषी निकलती हैं, तो इससे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। - एडीएम अमित कुमार