बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे से दोस्ती निभाना शिवराजपुर के ग्राम विकास अधिकारी को महंगा पड़ गया। एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर डीडीओ ने गुरुवार उन्हें निलंबित कर दिया। उन्हें बिधनू ब्लॉक से संबद्ध कर दिया गया है। वीडीओ और विकास के बीच अच्छी जुगलबंदी थी।
दोनों के बीच फोन पर बातचीत के साक्ष्य मिले थे। शिवराजपुर के बीडीओ पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। इस पर शासन फैसला करेगा। ग्राम विकास अधिकारी अमित कटियार के पास बिकरू समेत कई गांवों की जिम्मेदारी थी।
एसआईटी ने जांच में पाया कि उनकी विकास से फोन पर बातें होती थीं। शासन की योजनाओं में विकास की ही मनमानी चलती थी। पात्रों को लाभ नहीं मिल पाता था। विकास अपने हिसाब से पात्रता सूची तय करता था। आरोप है कि अमित वही करते थे जो विकास कहता था।
विकास ही गांव में आवास, पेंशन, शौचालय की सूची तय करता था। चयन में विकास के अपने मानक थे। उसके दरबार में हाजिरी लगाने वाले लोगों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता था। बिकरू के कई लोगों ने एसआईटी के सामने बयान दर्ज कराया था। शासन ने सीडीओ को कार्रवाई के आदेश दिए थे।