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औरैया: विकास दुबे के फर्जी एनकाउंटर की फोटो वायरल, अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

Mon, 06 Jul 2020 11:35 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : गूगल
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इनामी हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का औरैया में इंस्पेक्टर ऋषिकांत द्वारा एनकाउंटर किए जाने की भ्रामक फोटो, वीडियो ट्विटर, फेसबुक व व्हाट्एप पर वायरल किए जाने को लेकर एसपी सुनीति ने सख्ती दिखाई है। एसपी के आदेश पर प्रभारी साइबर सेल एसआई लोकेश कुमार ने कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसपी ने बताया कि इस तरह के फोटो, वीडियो और खबर वायरल करने वालों को चिह्नित कर सूची तैयार कराई जा रही है। 
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अमित के गांव में ब्याही है विकास दुबे के गांव की लड़की
औरैया। सदर कोतवाली में लखन वाटिका गेस्ट हाउस के सामने मिली अमित दुबे की लावारिस कार को लेकर शुरू छानबीन में पुलिस के जानकारी मिली है कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के बिकरू गांव की एक लड़की अमित के गांव में ब्याही है। एसपी सुनीति ने बताया कि इस लड़की का विकास दुबे या उसके परिवार से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं पाया गया है। मामले में लापता प्रापर्टी डीलर अमित के पिता कमलेश ने बताया कि वह न तो विकास दुबे को जानते हैं और न ही उनके परिवार में विकास के गांव की कोई लड़की ही ब्याही है। उन्होंने जानकारी को पूरी तरह से गलत बताया है। 
 
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52 लाख रुपये की बात को पुलिस ने गलत बताया 
औरैया। अमित दुबे की तलाश और परिजनों से की गई पुलिस की पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, उनमें कई बातें गलत भी निकल रही हैं। अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित व सीओ सिटी सुरेंद्र नाथ यादव को अमित के पिता कमलेश दुबे ने कार में 52 लाख रुपये साथ लाने की जानकारी दी थी। मामले में अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मथुरा में किसी भी प्रकार की डीलिंग नहीं हुई है। अमित कार में अपने साथ न ही कोई धनराशि लेकर आ रहा था। परिजनों की ओर से दी गई यह जानकारी भी गलत पाई गई है। 

पुलिस को अमित के एक दोस्त की तलाश
औरैया। प्रापर्टी डीलर की कार व मालिक अमित के लापता होने को लेकर पुलिस लगातार सुरागकशी में लगी है। सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान औरैया निवासी एक दोस्त का नाम आने पर पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। इसके अलावा दिबियापुर रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला जा रहा है, जिससे कार सवार लोगों की संख्या स्पष्ट हो सके साथ ही उनके चेहरे भी पुलिस के सामने आ सकें। उधर, प्रापर्टी डीलर के लापता होने के 36 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। इससे पीड़ित परिवार के लोग भी खासे परेशान हैं। पिता कमलेश का कहना है कि उनके पुत्र का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। इससे वह खासे परेशान हैं। सीओ सिटी सुरेंद्र नाथ यादव ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। जल्द ही सुराग हाथ लगने की उम्मीद है।
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