किशोर न्याय बोर्ड द्वारा खुशी को नाबालिग घोषित किए जाने के बाद भी विवेचना के दौरान खुशी को अमर दुबे की पत्नी बताने पर अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने आपत्ति जताई। साथ ही बिना सबूत खुशी के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिमांड लेने पर भी विरोध दर्ज किया।
कानपुर देहात के किशोर न्याय बोर्ड ने अधिवक्ता की आपत्तियों पर विवेचक को तीन दिन में बिंदुवार आख्या देने के निर्देश दिए हैं। हालांकि बोर्ड ने खुशी का 14 दिन का न्यायिक रिमांड मंजूर कर लिया है। गुरुवार को कड़ी सुरक्षा में खुशी को बाराबंकी से कानपुर देहात लाया गया, जहां बोर्ड के सामने खुशी पेश हुई।
विवेचक की ओर से किशोर बोर्ड को प्रार्थना पत्र देकर खुशी के खिलाफ बलवा, गाली-गलौज, जानमाल की धमकी, पुलिसकर्मियों पर हमला, हत्या, डकैती, डकैती का माल रखने आदि अधिनियम के तहत रिमांड मांगी गई थी।