असलहा विभाग से गायब शस्त्र लाइसेंस की पत्रावलियों में जय बाजपेई के शस्त्र लाइसेंस की भी पत्रावली शामिल है। नजीराबाद पुलिस की जांच में भी इसका खुलासा हुआ है। इसलिए उस शपथ पत्र का मिलान नहीं हो सका है जो जय बाजपेई ने शस्त्र लाइसेंस के आवेदन वक्त आवेदन फार्म के साथ लगाया था।
एसआईटी अब ऐसे सभी मामलों की जांच कर रही है जिसमें पता चल सकेगा कि आखिर ये फाइलें कैसे गायब हुईं और इसका जिम्मेदार कौन है। बिकरू कांड के बाद प्रशासन की विभागीय जांच में खुलासा हुआ था कि विकास दुबे व एक मंत्री समेत दो सौ लोगों के लाइसेंस की पत्रावलियां गायब हैं।
जब एसआईटी ने जांच की तो पता चला कि गायब फाइलों की संख्या 14 हजार है। इधर नजीराबाद पुलिस ने जय के खिलाफ दर्ज फर्जी शपथ पत्र के मामले की जांच की तो प्रशासन से उसकी पत्रावली मांगी। पुलिस के मुताबिक प्रशासन की तरफ से जय की पत्रावली उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। पता चला कि उसकी भी पत्रावली गायब है। इसलिए जो पुलिस के पास दस्तावेज मौजूद थे, उसी आधार पर जांच कर चार्जशीट लगाई है।