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नहर किनारे से सीटीआई पहुंचेंगे वाहन

Tue, 09 Feb 2016 02:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
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सीटीआई चौराहे से विजय नगर तक लागू वन वे व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए औद्योगिक क्षेत्र के वाहनों को पनकी और दादानगर से निकल रही नहर के किनारे की सड़क से गुजारा जाएगा।
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इस रास्ते से वाहन सीधे सीटीआई पहुंचेंगे। इसके लिए इस सड़क को और चौड़ा किया जाएगा। इस व्यवस्था को लागू करवाने के लिए डीएम ने सोमवार को सीटीआई नहर का निरीक्षण भी किया।

इसके बाद उद्योग बंधु की बैठक में डीएम ने सिंचाई विभाग के एसडीओ को 10 दिन के अंदर नहर किनारे पड़ी सिल्ट और मलबा हटाने के निर्देश दिए। कहा कि सिल्ट हटाने में परेशानी हो रही हो या बजट न हो तो उद्यमियों को मुफ्त में ही मिट्टी उठाने की छूट दें ताकि जल्द रास्ता चौड़ा हो सके।
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इस पर एसडीओ ने सहमति जताई। डीएम ने नहर किनारे सिंचाई विभाग की जमीन पर झुग्गी झोपड़ियों और अन्य तरह के अतिक्रमण तत्काल हटवाने के निर्देश दिए। इसके बाद नगर निगम के अधिकारियों से कहा कि पनकी नहर पुल से सीटीआई नहर पुल तक सड़क के चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार करें और वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले यह काम करवाएं। उद्यमियों ने डीएम को बताया था कि यह वैकल्पिक रास्ता तैयार हो सकता है।

छह ब्रिज बनाने की रिपोर्ट पहुंची रेल मंत्रालय
शहर को जाम से बचाने के लिए छह जगहों पर ओवर और अंडर ब्रिज बनाने की रिपोर्ट रेल मंत्रालय को भेज दी गई है। सांसद मुरली मनोहर जोशी ने इस संबंध में रेल मंत्री सुरेश प्रभु को पत्र लिखकर इस रिपोर्ट को आगामी रेल बजट में शामिल करने के लिए वार्ता की है।

उन्होंने कहा है कि अनवरगंज स्टेशन, से कल्याणपुर के बीच पड़ने वाले कई रेलवे क्रासिंग की वजह से जाम लगता है। इसलिए ब्रिज बनाना जरूरी है। बता देें कि पिछले दिनों इस्टीमेट कमेटी की टीम शहर आई थी।

डाॅ. जोशी इस कमेटी के चेयरमैन हैं। कमेटी ने तेजाब (अनवरगंज स्टेशन के पास), जरीब चौकी, गुमटी नंबर पांच, कोकाकोला चौराहा, रोजगार कार्यालय क्रासिंग (गोल चौराहे से पहले), गोल चौराहा, रावतपुर, गीतानगर, गुरुदेव, न्य सिविल लाइंस, दलहन संस्थान, बगिया क्रासिंग, कल्याणपुर में ओवर ब्रिज बनाने की रिपोर्ट दी है।

जमीन हाथ में नहीं तो क्यों कर दी अलॉट
डीएम कौशलराज शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को पनकी स्थित पीआईए भवन में हुई उद्योग बंधु की बैठक में उद्यमियों को औद्योगिक क्षेत्रों में एलॉटमेंट के बाद भी भूखंडों पर कब्जा न मिलने का मामला फिर प्रमुखता से उठा।

रूमा में जीटा इंटरनेशनल और मिनी औद्योगिक आस्थान चंपतपुर और चौबेपुर में छह प्लाटों पर कब्जा न मिलने पर डीएम ने पिछली कार्रवाई की जानकारी मांगी। यूपीएसआईडीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत सिंह ने तर्क दिया कि किसानों से भूमि अधिग्रहण का मामला नहीं सुलझ रहा।

इस पर डीएम ने नाराजगी जताई कि जब जमीन हाथ में नहीं थी तो उद्यमियों को कब्जा क्यों दिया? उनका उत्पीड़न करने के लिए ताकि वे आपके  दफ्तर के चक्कर लगाएं ? इस पर उन्होंने क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) से पूछ लिया कि वे कभी रूमा गए भी हैं? आपके क्षेत्र में कितनी जमीन पर कब्जा लिया जा चुका है कितना बाकी है? डीएम ने सवाल पर सवाल दागे तो आरएम ने फाइल में होने की बात कही।

डीएम ने फाइल मंगवाई और करीब 10 मिनट तक मीटिंग रुकी रही। डीएम ने निर्देश दिया इस मामले को निपटना चाहिए। 10 दिन बाद समीक्षा करेंगे। बैठक में आईआईए अध्यक्ष अनिल पांडेय, मनमोहन राजपाल आदि मौजूद रहे।
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