फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जालौन: कब्जे हटानेे पर अफसरों से भिड़े सब्जी दुकानदार, पुलिस के नदारद होने पर होमगार्डों ने संभाला मोर्चा

Sun, 19 Jul 2020 01:03 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
विज्ञापन
मंडी सचिव सेे नोकझोंक करते कब्जाधारक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
जालौन जिले के कोंच में नवीन सब्जी मंडी में अवैध रूप से नीलामी चबूतरे पर कब्जा जमाए लोगों को हटाने गए अधिकारियों की कब्जाधारक दुकानदारों से जमकर नोकझोंक हुई। नायब तहसीलदार संजय ने जब धमकाया कि अगर कब्जे नहीं हटाए तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी, तब कब्जेधारक हट गए।
विज्ञापन


एक दुकानदार की शिकायत पर डायरेक्टर मंडी परिषद के आदेश पर नायब तहसीलदार संजय और मंडी सचिव मलखान सिंह पुलिस बल के साथ कब्जा हटानेे गए थे। नवीन सब्जी मंडी में 22 दुकानदारों को नीलामी चबूतरे पर फट्टों का आवंटन किया गया था जिसमें से तीन आवंटन कुछ समय बाद कुछ कमियों के चलते निरस्त कर दिए गए थे।

इन्हीं में से एक आवंटी ने मंडी परिषद के डायरेक्टर के यहां शिकायत की थी कि नंबर 10 फट्टे पर अवैैध कब्जा है, जिसे हटवाया जाए। डायरेक्टर ने मंडी समिति को अवैध कब्जा हटाने को निर्देशित किया था।
विज्ञापन


नायब तहसीलदार संजय और मंडी सचिव मलखान शनिवार को पुलिस बल साथ लेकर कब्जा हटवाने गए थे जहां उन्हें कब्जाधारकों का जबर्दस्त विरोध झेलना पड़ा। कब्जेधारक वहां से हटने को कतई तैयार नहीं थे लिहाजा अधिकारियों को बल प्रयोग करना पड़ा और पुलिस ने वहां से कब्जे हटवा दिए।
विज्ञापन

इसके बाद पुलिस वहां से पुलिस के जाने के बाद कब्जेधारक अधिकारियों पर हावी हो गए तथा उनके साथ जमकर नोकझोंक हुई और हटाया गया सामान फिर से फट्टों पर जमाने लगे। अधिकारियों ने सूचना देकर दोबारा पुलिस बुलवाई और जब कब्जेधारकों को धमकाया गया कि अगर नहीं हटे तो उनकी एफआईआर कराई जाएगी।

इसके बाद ही कब्जेधारक वहां से हटे। मंडी सचिव मलखान सिंह ने बताया है कि नीलामी चबूतरे पर 22 लोगों का आवंटन हुआ था जबकि तीन फट्टों पर दुकानदार अवैध रूप से जमेे थे जिन्हें उच्चाधिकारियों के आदेश पर हटाने गए थेे।

पुलिस के नदारद होने पर होमगार्डों ने संभाला मोर्चा
नवीन सब्जी मंडी में अधिकारियों के साथ अवैध कब्जा हटाने गई पुलिस अपना काम खत्म मानकर जिस तरह से मौका छोड़ गई थी उस स्थिति में अधिकारियों को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ा क्योंकि हटाए जा चुके कब्जेधारक पुलिस के जाते ही फिर से अपना सामान जमाने लगे और अधिकारियों के साथ मुहांचाही करने लगे। ऐसी स्थिति में नायब तहसीलदार के अंगरक्षक होमगार्डों को मोर्चा संभालना पड़ा। बाद में अधिकारियों को फिर से पुलिस बुलानी पड़ी तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें