परिजन कुछ भी बताने से बच रहे हैं
इसके बाद शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। मृतक के दो पुत्र सिद्धार्थ अमन एवं एक बेटी निधि राजपूत है। परिजन हत्या के कारणों के बारे में कुछ भी बताने से बच रहे हैं। अस्पताल में मौजूद कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। शीघ्र ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
पूरा मामला लग रहा संदिग्ध
बड़े बेटे सिद्धार्थ के हाथ मुंह से कटने का निशान है और गर्दन, सीने व पीठ नाखूनों के खरोचने के निशान हैं। कहीं न कहीं पुलिस का शक परिजनों पर जा रहा है। पुलिस हत्या के हर बिंदु पर जांच कर रही है।