देश की पहली सेमी हाईस्पीड वीआईपी ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन-18) के कोच में अचानक धुआं निकलने से यात्रियों में हड़कंप मच गया। इसकी सूचना यात्रियों ने आनन फानन में ड्राइवर तक सुने जाने वाले माइक सिस्टम से दी और दूसरे कोच में आ गए। ट्रेन ड्राइवर ने भी ट्रेन को रोक दिया।
वाराणसी के मंडुआडीह रेलवे स्टेशन से करीब पांच किमी आगे ट्रेन दो घंटे खड़ी रही। इसके खड़े होने से पीछे आने वाली ट्रेनें भी फंसी रहीं। वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेेन-18) रविवार दोपहर तीन बजे वाराणसी से छूटी।
ट्रेन 18
- फोटो : अमर उजाला
मंडुआडीह स्टेशन से करीब पांच किमी आगे ट्रेन के सी-12 कोच में शार्ट सर्किट हुई और चार्जर प्लग और छत से धुआं निकलने लगा। इसकी सूचना ट्रेन के ड्राइवर को दी गई तो ड्राइवर ने ट्रेन रोक दी। ट्रेन में चलने वाले इलेक्ट्रिक विभाग के रनिंग स्टाफ ने इसकी मरम्मत की, लेकिन वह समस्या दूर नहीं कर सके।
ट्रेन के पेंटो (ट्रेन की छत का वह हिस्सा जो ओएचई से छूकर ट्रेन को बिजली देता है) में कुछ समस्या थी। इतने में यात्रियों को एसी न चलने से सांस लेने में दिक्कत हुई तो दोनों तरफ के आटोमेटिक गेट खोल दिए गए। यात्री बाहर निकल आए। वाराणसी से इलेक्ट्रिक विभाग की टीम ने मरम्मत की। तब 3:50 बजे से खड़ी ट्रेन शाम 5:50 बजे वहां से छूटी। इलाहाबाद जंक्शन और कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर भी यात्री ट्रेन का इंतजार करते रहे। यह ट्रेन कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर शाम 6:30 बजे आती है।
यात्री बोले, गनीमत रही नहीं हुई कोई बड़ी घटना
वाराणसी से कानपुर आ रहे सर्वोदय नगर के अभिषेक शर्मा ने बताया कि इस तरह धुआं निकलने से यात्रियों की चीख पुकार सुनकर सी-11 में बैठे मैं और मेरे सहयात्री भी परेशान हो गए। शहर आ रहे गौरव ने कहा कि एसी न चलने से बैठे-बैठे परेशान हो गए हैं। राहुल और आशुतोष ने बताया कि परिजनों को फोन कर जानकारी दे दी है कि आने में देर हो जाएगी। कोई घबराने की बात नहीं है।