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अमित अपहरण हत्याकांड: पत्नी से की बात तभी उतार दिया मौत के घाट, हाथ लगी साजिश से लेकर अंजाम तक की रिकॉर्डिंग

Tue, 23 Feb 2021 10:49 AM IST
शिखा पांडेय क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सांकेतिक तस्वीर
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कानपुर में ट्रैवल्स मालिक अमित यादव अपहरण हत्याकांड में अमित को अनहोनी की आशंका हो गई थी। उसने वैन चलाते समय चुपके से पत्नी को फोन कर जानकारी दी थी लेकिन ये बात बदमाशों ने सुन ली और उसका मोबाइल छीनकर स्विच ऑफ कर दिया।
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इसके तकरीबन बीस मिनट के भीतर अमित को मार दिया। सीओ दिनेश कुमार शुक्ला के मुताबिक शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे अमित यादव अपने बहनोई के घर से निकला। 9:45 बजे उसने अपनी पत्नी रेखा को फोन किया कि मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा है। हमारे साथ जो बैठे हैं उनके पास तमंचा है। पुलिस के मुताबिक वैन में बैठे अमित सिंह, गोली और प्रद्युम्न सिंह ने ये बातचीत सुनकर उसका मोबाइल छीन कर बंद कर दिया। 

तब अमित की हत्या हो चुकी थी
जब रेखा ने दोबारा अमित का नंबर डायल किया तो वो बंद बता रहा था। उन्होंने वैन ड्राइवर छोटू से बुकिंग कराने वाले प्रद्युम्न गुप्ता का नंबर लेकर रात 10:02 बजे फोन किया तो प्रद्युम्न ने कहा कि अमित एक बरात में गया है। सीओ के मुताबिक तब हत्या हो चुकी थी। 
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साजिश से लेकर अंजाम तक की रिकॉर्डिंग 
हत्यारोपी बेहद शातिर हैं। इन्होंने अमित समेत अपने सभी मोबाइल को फार्मेट कर दिया था। रविवार रात से लेकर सोमवार दोपहर पुलिस इन सभी मोबाइलों का डाटा रिकवर कराने में जुटी रही। जिसमें वारदात की पूरी साजिश से लेकर अंजाम देने तक की रिकॉर्डिंग हाथ लगी। एक रिकॉर्डिंग में प्रद्युम्न, देवेंद्र से कहता है कि काम फिनिश हो गया है, मुंडी उड़ा दी है। खाते में रुपये भेजो।

100 रुपये में तय हो गई थी मौत   
कल्याणपुर इंस्पेक्टर जनार्दन प्रताप सिंह ने बताया कि 17 तारीख को प्रद्युम्न पंजाब से अपने घर केवल वारदात करने आया था। पर, निशाने पर कोई शख्स तय नहीं था। शुक्रवार शाम को प्रद्युम्न व अमित सिंह बिठूर तिराहे पर शिकार की तलाश में पहुंचे तो एक ईको कार 2 हजार रुपये में तय की।

इसी बीच अमित यादव के ड्राइवर छोटू से रसूलाबाद के लिए 1600 रुपये में वैन तय हो गई। प्रद्युम्न ने बुकिंग कर 100 रुपये एडवांस उसको थमा दिए। क्या पता था कि सौ रुपये में अमित की मौत तय हो जाएगी।
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