कानपुर। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद भाभाशाह की 478वीं जयंती 28 जून को राष्ट्रीय स्तर पर वैश्य शंखनाद के रूप में मनाएगा। इस दिन दिल्ली के प्यारे लाल भवन, बहादुर शाह जफर मार्ग पर सुबह 10 बजे सभी पदाधिकारी व वैश्य समाज के लोग जुटेंगे। यह जानकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुमंत गुप्ता ने दी। वह महाआयोजन की तैयारियों को लेकर मंगलवार को कानपुर आए थे और बिरहाना रोड स्थित ज्ञान भारती बालिका इंटर कॉलेज में संगठन की बैठक ले रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए समाज की राजनैतिक हिस्सेदारी और भागीदारी की आवाज जोरदारी से उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि देश में वैश्य समाज की आबादी 20 प्रतिशत है लेकिन राजनैतिक हिस्सेदारी नगण्य हे। वैश्य समाज को राजनैतिक हिस्सेदारी देने से सभी राजनैतिक पार्टियां निरंतर उपेक्षित करती रही हैं। अब समाज एकजुट होकर इस जयंती पर अपनी दावेदारी मजबूती से रखने का प्रयास करेगा। इस कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल, सांसद प्रवेश खंडेलवाल आदि को आमंत्रित किया गया है।
इस सम्मेलन में विवाह के दौरान फिजूलखर्ची रोकने सहित कई संकल्प लिए जाएंगे। विवाह योग्य युवक-युवतियों के परिजनों से आग्रह किया जाएगा कि वह अपने वैवाहिक संबंध वैश्य समाज के एक उपवर्ग से दूसरे में करने के लिए प्रोत्साहित करें। मांग उठाई जाएगी कि सरकार लिव इन रिलेशनशिप पर पूर्णतः प्रतिबंधित करे। इससे परिवार के टूटने की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। लव मैरिज में दानों पक्षों के अभिभावकों की सहमति के साथ कोर्ट में हस्ताक्षर अनिवार्य किया जाना चाहिए।