आर्थिक और शारीरिक अक्षमता की वजह से मां वैष्णों देवी के दरबार न जा पाने वाले भक्तों को निराश होने की जरूरत नहीं है। जम्मू की तर्ज पर यूपी के कानपुर शहर में मां वैष्णो देवी का एक अनोखा दरबार बना हुआ है। जहां माता के दर्शन के लिए आपको जम्मू की तरह से ही गुफाओं के बीच से निकल कर जाना पड़ेगा। कानपुर के वैष्णो देवी मंदिर की सबसे बड़ी खासियत तो ये है कि यहां 1000 हाथ वाली देवी मां की मूर्ति मौजूद है।
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मां वैष्णो देवी मंदिर कानपुर
उत्तर प्रदेश के कानपुर में माता वैष्णो देवी मंदिर के अंदर एक गुफा बनी है। यहां नवरात्रि में दूर-दूर से भक्तों की भीड़ आती है और गुफा से गुजरने के बाद माता के दर्शन कर मनचाहे फल की प्राप्ति हो जाती है। यहां के बर्रा इलाके के दमोदर नगर में वैष्णो देवी मंदिर बना हुआ है। मंदिर का निर्माण बुलंदशहर से आए माता के भक्त जयदेव सिंह राणा द्वारा सन् 2000 में दुर्गा मां से मांगी गई एक मन्नत पूरी होने पर करवाया गया था।
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कानपुर का वैष्णो देवी मंदिर
हालांकि की मंदिर की देखरेख में लगे छुन्ना के मुताबिक इसे बनवाने के पीछे जयदेव राणा को एक सपने में माता के आने को भी मुख्य कारण बताया जाता है। पूरे मंदिर में करीब 900 भगवान की मूर्तियां स्थापित हैं और यहां पर एक मात्र हजार हाथ वाली माता महिसासुर मर्दानी की मूर्ति भी विराजमान है। जिसका दुर्गा सप्तसती में वर्णन भी किया गया है।
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कानपुर का वैष्णो देवी मंदिर
गुफा को प्राकृतिक रूप दिए जाने के लिए पत्थरों को जोड़ बेहद सकरी व बारिकी से कुशल कारीगरों द्वारा इसका निर्माण कराया गया, जो पूरी तरह से जम्मू में विराजमान वैष्णो देवी मंदिर जैसी प्रतीत होती है।
इस मंदिर में 1000 हाथ वाली देवी मां की विशेष मूर्ति के अलावा सभी पुराणों का सार भी यहां मौजूद है। जो गरीब लोग जम्मू नहीं जा सकते वो यहां आकर उसी तरह का आनंद प्राप्त करते हैं जैसा जम्मू में मिलता था। मान्यता है कि मंदिर के मुख्यद्वार पर चुन्नी बांधकर तीन गांठ लगाकर छोड़ देने देवी मां सभी मुराद पूरी कर देती हैं।