उत्तर प्रदेश सरकार ने चीन को आर्थिक मोर्चे पर चुनौती देने की रूपरेखा बनानी शुरू कर दी है। उद्यमियों को विभिन्न प्रकार की छूट व सहूलियतें देकर सरकार उन्हें गुणवत्ता और कीमतों के मामले में चीनी उत्पादों का मुकाबला करने के लिए तैयार करेगी। अमर उजाला कार्यालय में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में आए प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने इस बात की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि नई नीतियों के प्रावधानों से प्रदेश में उद्योग लगाने वालों को न केवल राहत मिलेगी बल्कि वह चीनी उत्पादों से कीमतों और गुणवत्ता के लिहाज पर भी कड़ी टक्कर दे सकेंगे। अभी तक उद्यमियों को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स जीएसटी के आधार पर छूट दी जाती थी।
जीएसटी के आधार पर छूट अर्थ यह हुआ के जीएसटी में जितना एसजीएसटी यानी राज्य का अंश था हम उतनी ही छूट दे सकते थे, केंद्र के अंश पर राज्य सरकार का कोई दखल नहीं था। इस स्थिति को बदलते हुए प्रदेश सरकार ने पूंजीगत निवेश के आधार पर छूट देने का फैसला लिया है। निवेश के लिहाज से किस्तों के आधार पर छूट देने पर विचार किया जा रहा है।