उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में युवक को कोतवाली परिसर के एक कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटने के मामले में जांच शुरू हो गई है। शनिवार को गुरसहायगंज कोतवाली पहुंचे सीओ सिटी श्रीकांत प्रजापति ने फोन कर पीड़ित सुरेश को मौके पर बुलाया तो उसने शरीर के जख्म दिखाकर सिपाहियों की बर्बरता की कहानी बयां कर दी। पीड़ित ने घटनास्थल से लेकर बंधक बनाए गए कमरे तक की पहचान की। उसने बताया कि किस तरह उस पर पुलिस ने रात भर जुल्म ढहाया। सुरेश के जख्म देख व आपबीती सुनने के बाद सीओ भी चौंक गए। उन्होंने आरोपी सिपाहियों को कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी। सूत्रों के मुताबिक सीओ की जांच में सिपाही दोषी पाए गए हैं।
गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव पलटेपुर्वा निवासी सुरेश को तीन अक्तूबर को कोतवाली में तैनात सिपाहियों ने एक युवक के कहने पर बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा था। इससे वह जख्मी हो गया था। पीड़ित ने ट्विटर पर सीएम और डीजीपी से लेकर पीएमओ आफिस तक शिकायत की थी। शनिवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने मामले को संज्ञान में लिया। उन्होंने प्रकरण की जांच सीओ सिटी श्रीकांत प्रजापति को दी। शनिवार सुबह नौ बजे सीओ जांच करने कोतवाली पहुंचे। तिर्वा रोड पर विवाद वाले स्थान पर कोतवाल आरबी सिंह के साथ चिकन की दुकान के सामने सीओ ने दुकानदार आदेश व कर्मचारी बीरू के बयान दर्ज किए।