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Kanpur News: उप्र बार कौंसिल चुनाव... शहर के 12 से ज्यादा प्रत्याशी चुनाव मैदान में

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कानपुर। उप्र बार कौंसिल चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही प्रदेशभर के अधिवक्ताओं के बीच चुनावी माहौल तैयार करने की जुगत शुरू हो गई है। 14 से 19 नवंबर तक नामांकन और 16 से 31 जनवरी तक चार चरणों में मतदान होना है। तीसरे चरण यानि 27 और 28 जनवरी को कानपुर नगर व कानपुर देहात समेत 18 जिलों में मतदान होना है। कानपुर नगर से इस बार भी 12 से अधिक प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
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यूपी बार कौंसिल की वर्तमान कार्यकारिणी में कानपुर नगर से तीन सदस्य शामिल हैं और इस बार चुनाव में कानपुर नगर का प्रतिनिधित्व और बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। ऊंट किस करवट बैठेगा, किन-किन लोगों के सिर पर जीत का सेहरा सजेगा यह तो वर्ष 2026 के मध्यांतर के बाद तक पूरी होने वाली मतगणना के बाद ही पता चल सकेगा।

दो साल से लटके थे चुनाव
यूपी बार कौंसिल का कार्यकाल पांच साल का होता है। इसके पहले वर्ष 2018 में चुनाव हुए थे और लगभग नौ माह चली मतगणना के बाद दिसंबर 2018 तक परिणाम आ सके थे। इस हिसाब से वर्ष 2023 में कार्यकाल खत्म होने के बाद चुनाव होने चाहिए था लेकिन इसी बीच अधिवक्ताओं के सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस (सीओपी) कार्ड के नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। अधिवक्ताओं के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच की प्रक्रिया भी चल रही थी। इससे चुनाव में लगभग दो साल देर हो गई और आखिर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आनन-फानन चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की गई।
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तीन सदस्यों ने किया कानपुर का प्रतिनिधित्व
वर्ष 2018 के चुनाव में 298 प्रत्याशी मैदान में थे इनमें से 25 सदस्यों का चुनाव हुआ। कार्यकारिणी में सर्वाधिक सात-सात सदस्य प्रयागराज और लखनऊ के थे जबकि वाराणसी और कानपुर से दो-दो सदस्य यूपी बार कौंसिल पहुंचे थे। इसके अलावा लखीमपुर खीरी, बुलंदशहर, मेरठ, बरेली, बिजनौर, आगरा और गोरखपुर से एक-एक सदस्य को कार्यकारिणी में स्थान मिला था। कानपुर से योगेंद्र स्वरूप और अंकज मिश्रा के सिर जीत का सेहरा सजा था। कार्यकाल के दौरान आगरा से जीतीं दरवेश सिंह की हत्या के बाद उनके स्थान पर सदस्य का चुनाव हुआ जिसमें कानपुर के अनुराग पांडे निर्वाचित घोषित हुए। पहले अंकज मिश्रा और फिर अनुराग पांडे यूपी बार कौंसिल उपाध्यक्ष भी चुने गए। इस तरह कानपुर नगर से तीन सदस्यों ने यूपी बार कौंसिल में जिले का प्रतिनिधित्व किया।


जिला जज के खिलाफ आंदोलन चलाने वाले अध्यक्ष-महामंत्री चुनाव मैदान में
यूपी बार कौंसिल की वर्तमान कार्यकारिणी में शामिल योगेंद्र स्वरूप, अंकज मिश्रा और अनुराग पांडे तीनों नई कार्यकारिणी में भी अपना स्थान बनाने के लिए चुनाव मैदान में हैं। वहीं, दो साल पहले कानपुर नगर के जिला जज रहे संदीप सिंह के खिलाफ आंदोलन चलाने वाले बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश चंद्र त्रिपाठी व महामंत्री अनुराग श्रीवास्तव भी चुनाव मैदान में डटे हैं। इसके अलावा बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अजित शुक्ला और लॉयर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नदीम रऊफ खान भी चुनाव लड़ रहे हैं। बार व लॉयर्स एसोसिएशन की कार्यकारिणी में रहे कई और पदाधिकारी भी भाग्य आजमा रहे हैं तो कई नए चेहरे भी समीकरण बदलने की तैयारी में जुटेे हैं।


बार एसोसिएशन चुनाव पर 15 फरवरी तक रोक

कानपुर। यूपी बार कौंसिल चुनाव के मद्देनजर बार कौंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने प्रदेश के सभी जिलों के बार संघों के चुनाव पर 15 फरवरी तक रोक लगा दी है। कानपुर में भी बार एसोसिएशन का कार्यकाल खत्म हो गया था और चुनाव होना था लेकिन बीसीआई के आदेश से चुनाव टल गए। बीसीआई की प्रधान सचिव श्रीमंतो सेन की ओर से यूपी बार कौंसिल के सचिव को पत्र जारी किया गया है। इसमें 15 नवंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक किसी भी बार एसोसिएशन के चुनाव या अधिसूचना जारी करने पर रोक लगा दी गई है। (संवाद)
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