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यूपीः लगातार चौथे दिन 'जल प्रलय' सा मंजर, लाखों लोग बेघर, फिर डराएगा मौसम विभाग का ये अनुमान

Fri, 03 Aug 2018 11:42 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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जलभराव से जनजीवन अस्तव्यस्त
लगातार चौथे दिन उत्तर प्रदेश के तमाम शहर बारिश से प्रभावित हैं। लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, इटावा, औरैया, कन्नौज, फर्रुखाबाद, हरदोई, कासगंज, फतेहपुर, बहराइच, गोंडा, बस्ती शहरों के हजारों घर बारिश के पानी में डूब चुके हैं। लाखों लोग बेघर होकर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। अगर ऐसे ही हालात रहे तो बाढ़ साल 2018 की सबसे बड़ी आपदा हो सकती है। मौसम विभाग ने 7 अगस्त तक बारिश की संभावना जताई है। 


 
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भारी बारिश से बेहाल हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
लगातार बारिश से यूपी के कानपुर महानगर और आसपास के इलाकों में आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है । हालत यह है कि लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हैं। कानपुर के आसपास के कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं। राहत कार्य में जुटी टीमों ने पानी में फंसे लोगों को निकलवाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
 
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झमाझम बारिश के बीच गुरुवार को सहादतपुरा में बरसाती पानी से भ्ारा जीवनराम छात्रावास का मैदान। - फोटो : mau
बिनगवां गांव के निचले इलाके में करीब सात फीट तक पानी भरने से डेढ़ सौ परिवार प्रभावित हुए हैं। गृहस्थी छत पर रखकर लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं। वहीं, खलील और छोटे प्रजापति के कच्चे घर गिर गए हैं। उनकी गृहस्थी बरबाद हो गई है। पांडु नदी से सटे सरस्वती नगर, आशा नगर और द्विवेदी नगर में सड़कें जलमग्न हो गईं हैं। तीन फीट तक पानी भरने से करीब 300 से अधिक परिवार घरों में कैद हैं।
 

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भारी बारिश से बेहाल हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
बिनगवां गांव के निचले इलाकों में रहने वालों को प्राइमरी स्कूलों में ठहराया गया है। करीब 100 परिवार घरों में ताला लगाकर रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। जलभराव से सरस्वती नगर, आशा नगर और द्विवेदी नगर में भी संकट मंडरा रहा है। 
 
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भारी बारिश से बेहाल हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
बारिश से पीड़ित 3470 लोगों को आठ राहत शिविरों में शरण दिलाई गई है। प्रशासन ने बारिश के कारण जिले में सिर्फ एक व्यक्ति की मौत और दो के घायल होने का दावा किया है। मृतक व्यक्ति सदर तहसील के दासूखेड़ा गांव का है। कहा गया है कि छज्जा गिरने से उसकी मौत हुई। 12 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
 
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भारी बारिश से बेहाल हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
लगातार चार दिन से अत्यधिक बरसात, पांडु नदी और गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण शहरी क्षेत्रों में भारी जलभराव हो गया। कई गांव पानी से घिर गए हैं। गुजैनी, रतनलाल नगर, सुंदरनगर और कल्याणपुर के क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। जिला प्रशासन ने दावा किया है कि अब तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के 3470 प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
 
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भारी बारिश से बेहाल हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
तहसीलों से नुकसान और जनहानि की भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक जिले में एक व्यक्ति की मौत और दो लोग घायल हुए हैं। 106 पक्के और 586 कच्चे मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। 435 झोपड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं।
 

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भारी बारिश से बेहाल हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
अब तक 12 हजार लोगों और 145 पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सुंदर नगर और पनकी क्षेत्र से दो हजार व्यक्तियों को जलमग्न क्षेत्र से बाहर निकाला गया है। एनआरआई सिटी के पास कई दिनों से अवरुद्ध नाले को पोकलैंड मशीन से साफ कराया गया है। एडीएम फाइनेंस संजय चौहान का कहना है कि राहत शिविरों में पीड़ितों को भोजन की व्यवस्था की गई है।

 

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भारी बारिश से बेहाल हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
बिठूर के आधा दर्जन गांवों में पानी भरने से गुस्साए ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को कल्याणपुर बिठूर रोड पर सीवर लाइन के पाइप रखकर जाम लगा दिया। हंगामे की सूचना पर एसीएम 6 कल्याणपुर सीओ भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों जल्द से जल्द समस्या का निस्तारण करने का हवाला देते हुए समझा-बुझा कर शांत करवाया।
 

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भारी बारिश से बेहाल हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
तेज बारिश से नोन नदी में जल स्तर बढ़ गया है जिससे गंगपुर चकबदा, लुधौरी, प्रेमपुर, गम्भीरपुर सहित लगभग आधा दर्जन गांव जलमग्न हो गए। कटरी के कई गांवों में भी पानी भरा हुआ है। इससे भड़के ग्रामीणों ने कल्याणपुर बिठूर मार्ग पर जाम लगा दिया।
 

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भारी बारिश से बेहाल हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
चार दिनों से हो रही बारिश से कल्याणपुर स्थित नवशील धाम सोसाइटी में पास के नाले से ओवर फ्लो होकर पानी घरों में घुस गया है। सोसाइटी में 250 से अधिक मकान बने हैं। 100 मकानों के ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह से डूब गए हैं। लोग ग्राउंड फ्लोर छोड़कर ऊपरी मंजिल पर शिफ्ट हो गए हैं। तीन दिनों से बच्चे स्कूल नहीं जा सके हैं। 

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बारिश से बेहाल हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
कानपुर शहर का सुंदर नगर इलाका पिछले तीन दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ है। इस इलाके में बारिश का पानी इस कदर भर गया है कि लोग नाव का सहारा लेने को मजबूर हो गए हैं। लगातार बारिश की वजह से पिछले तीन दिनों से पनकी का सुंदर नगर इलाका जलमग्न है, जलभराव और बढ़ता ही जा रहा है।

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जलभराव से जनजीवन अस्तव्यस्त
कमर से ऊपर तक का पानी भरा हुआ है। वहीं करीब 300 घरों वाला कपली गांव भी पानी से सराबोर है। कई कच्चे मकानों की दीवारें गिर गई हैं। इनमें राम भजन, राजेन्द्र, जगदीश, बबलू, मेवा लाल, कुसमा देवी, शिव देवी, आरती आदि हैं। जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत ने बुधवार सुबह इन मोहल्लों का निरीक्षण भी किया। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को विद्युत परिषद इंटर कॉलेज पनकी, नारायण इंटर कॉलेज, पनकी मन्दिर रैन बसेरा में ठहराने की व्यवस्था कराई गई हैं।
 

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जलभराव से जनजीवन अस्तव्यस्त
सुंदर नगर में पानी भरने से गुस्साए लोगों ने नगर निगम पर नाला बनवाने में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। हाईवे पर जाम लगा दिया। पनकी इंस्पेक्टर, कल्याणपुर सीओ कई थानों की फोर्स के साथ पहुंचे और लोगों को समझाया। इसके बाद एडीएम सिटी व प्रशासन के कई अधिकारी भी पहुंचे। कई बार दोनों पक्षों में नोकझोंक भी हुई। करीब दो घंटे बाद लोगों को समझाकर जाम खुलवाया गया। 
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जलभराव से जनजीवन अस्तव्यस्त
सुंदर नगर और पनकी पड़ाव के लोगों ने बताया कि दो दिन से खाना तक नहीं बना है। पनकी पड़ाव की सीमा जायसवाल ने बताया कि कमरों व किचन सभी जगह पानी भर गया है। सुन्दर नगर की रीता गुप्ता ने बताया कि परिवार में आठ सदस्य रहते हैं और किचन एक है। पूरा परिवार कल रात से पहली मंजिल में फंसा हुआ है।
 
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