कहा- ऑपरेशन भी नहीं किया, जांच में सर्जरी होने की बात आई सामने
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर। उर्सला अस्पताल में अब एक और रोगी ने डॉक्टर पर सर्जरी के नाम पर 50 हजार की वसूली का आरोप लगाया है। फतेहपुर से इलाज कराने आई एक महिला रोगी का आरोप है कि डॉक्टर ने बिना सर्जरी ऑपरेशन करने का दावा किया है। महिला ने जिलाधिकारी और उर्सला पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
फतेहपुर निवासी सुनीता देवी टॉन्सिलाइटिस (गले की बीमारी) से पीड़ित हैं। वह उर्सला के वार्ड 5 के बेड नंबर सात पर भर्ती थीं। इनका इलाज उर्सला में पिछले आठ वर्षों से तैनात लेवल-4 के सीनियर चिकित्सक ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. राजेश वर्मा की देखरेख में चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने रोगी को पहले फतेहपुर स्थित अपने निजी क्लीनिक पर देखा और फिर उर्सला रेफर किया। पिछले गुरुवार को अस्पताल में भर्ती किया और शुक्रवार को सर्जरी के लिए ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया।
सुनीता का आरोप है कि ऑपरेशन थियेटर में सर्जरी नहीं की गई। पति मुन्नालाल ने आरोप लगाया कि इलाज और ऑपरेशन के नाम पर उनसे कमल नाम के एक दलाल के माध्यम से लगभग 50 हजार रुपये लिए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडे ने बताया कि पैसे लेने के मामले की जांच चल रही हैं। ऑपरेशन हुआ या नहीं, इसके लिए उर्सला के ही एक सीनियर डॉक्टर से जांच कराई गई तो पता चला कि उसकी सर्जरी हुई है। बुधवार को इंडोस्कोपी की जाएगी तो स्थिति साफ होगी।
रविवार को रोगी ने ऑपरेशन कराया था। टॉन्सिल का ऑपरेशन होना था जो मुंह खोलकर किया जाता है। रोगी का कहना है कि चीरा लगाकर ऑपरेशन क्यों नहीं किया गया। मामले की शिकायत पुलिस और जिलाधिकारी से भी की गई। पैसे लेने के आरोप गलत है। अस्पताल में थोड़ा बहुत खर्च यूजर चार्ज लगता है। मेरा मैं फतेहपुर में प्लॉट है तो मैं देखने जाता हूं। वहां कोई आ जाता है तो देख लेता हूं। डॉ. राजेश वर्मा, ईएनटी सर्जन, उर्सला
रोगी से पैसे लेने और सर्जरी न करने की शिकायत हमारे पास आई थी। मामले की जांच पुलिस भी कर रही है। -डॉ. शैलेंद्र तिवारी, चिकित्सा अधीक्षक