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Chitrakoot: लाइनमैन की मौत पर बवाल! पोस्टमार्टम हाउस पर धरने पर बैठे परिजन, दारोगा पर FIR की मांग

Sun, 19 Jul 2026 03:10 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला,चित्रकूट

सार

Chitrakoot News: सरधुआ बिजली उपकेंद्र में संविदा पर कार्यरत लाइनमैन की मौत के मामले में रविवार को नया मोड़ आ गया। मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण पोस्टमार्टम हाउस पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित सब-इंस्पेक्टर अजहर जमाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज होने तक वे शव नहीं ले जाएंगे।
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लाइनमैन की मौत पर बवाल - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मऊ थाना क्षेत्र के भटरी गांव निवासी लाइनमैन का शव पेड़ से लटकता मिलने के मामले ने अब भारी सियासी और सामाजिक रूप ले लिया है। मृतक के आक्रोशित परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण शनिवार को पोस्टमार्टम हाउस परिसर के भीतर ही धरने पर बैठ गए हैं।

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प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर आरोप है कि सरधुवा थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर अजहर जमाल के उत्पीड़न के कारण यह आत्मघाती कदम उठाया गया या यह कोई बड़ी साजिश है। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी दारोगा को सिर्फ लाइन हाजिर करना नाकाफी है, जब तक उस पर एफआईआर दर्ज नहीं होगी, वे शव को वहां से नहीं उठाएंगे।

नंदू पुरवा निवासी राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि उनका 26 वर्षीय बेटा शिवशंकर शुक्ला सरधुआ बिजली उपकेंद्र में संविदा पर लाइनमैन के पद पर तैनात था। शुक्रवार की रात करीब नौ बजे वह अपनी ड्यूटी खत्म करके घर लौटा था। कुछ देर घर पर रुकने के बाद वह नित्य क्रिया (शौच) के लिए जाने की बात कहकर घर से बाहर निकला था।

जब काफी देर बीत जाने के बाद भी शिवशंकर वापस घर नहीं लौटा, तो परिजनों को चिंता हुई। रात में ही ग्रामीणों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर उसकी हर संभावित जगह तलाश की गई, लेकिन रात भर उसका कोई सुराग नहीं लग सका।

शनिवार की सुबह राहगीरों ने ग्रामीणों को सूचना दी कि गांव के बाहर एक पेड़ पर एक युवक का शव फंदे से लटक रहा है। मौके पर जब परिजन पहुंचे, तो मृतक की शिनाख्त शिवशंकर के रूप में हुई, जिससे घर में कोहराम मच गया।

विभागीय कार्रवाई को बताया छलावा

पोस्टमार्टम हाउस पर चल रहे इस धरने के दौरान परिजनों ने पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। मृतक के पिता का कहना है कि पुलिस विभाग के अधिकारी केवल लाइन हाजिर किए जाने की बात कहकर उन्हें गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि मामला शांत हो सके।

परिजनों ने दो टूक शब्दों में प्रशासनिक अधिकारियों से कहा है कि जब तक संबंधित सब-इंस्पेक्टर अजहर जमाल के खिलाफ हत्या या आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता और उसकी गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे शव का पोस्टमार्टम होने के बाद भी उसे अंतिम संस्कार के लिए यहां से लेकर नहीं जाएंगे। परिजनों का गुस्सा देखकर पोस्टमार्टम हाउस के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है।

मामला बढ़ता देख स्थानीय नेताओं और संगठनों ने भी पीड़ित ब्राह्मण परिवार के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है। पोस्टमार्टम हाउस में चल रहे इस धरने में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जगदीश गौतम, पहाड़ी ब्लॉक प्रमुख सुशील द्विवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष हीरो मिश्रा समेत राष्ट्रीय हिंदू संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भारी संख्या में मौजूद हैं।

ये सभी लोग पीड़ित परिवार के साथ जमीन पर बैठकर पुलिस प्रशासन के रवैए के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर क्षेत्राधिकारी यामीन अहमद भारी पुलिस बल और पीएसी के साथ तैनात हैं।

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पुलिस अधिकारी लगातार प्रदर्शन कर रहे नेताओं और परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शांतिपूर्वक पूरी कराई जा सके, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और चित्रकूट में इस घटना को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है।
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